आंगनबाड़ी के बच्चों के राशन में गड़बड़ी का शक, बंद मकान से 140 बोरी पूरक पोषण आहार जब्त


जबलपुर। मध्यप्रदेश शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों के लिए वितरित किए जाने वाले विटामिन एवं मिनरल्स से युक्त पूरक पोषण आहार (हलुआ प्रीमिक्स) में गड़बड़ी की आशंका सामने आई है। प्रशासन की टीम ने कार्रवाई करते हुए करिया पाथर मरघटाई रोड के समीप एक बंद मकान से करीब 140 बोरी शासकीय खाद्यान्न बरामद किया है।


प्राप्त जानकारी के अनुसार आंगनवाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए आने वाले पोषण आहार में कटौती कर शासकीय खाद्यान्न की कालाबाजारी और अवैध भंडारण किए जाने की सूचना प्रशासन को मिली थी। इसी सूचना के आधार पर अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया।

जांच के दौरान बंद मकान का ताला तोड़कर देखा गया तो अंदर बड़ी मात्रा में पूरक पोषण आहार की बोरियां रखी हुई मिलीं। बरामद बोरियों पर महिला आजीविका औद्योगिक सहकारी संस्था मर्यादित, मंडला (मप्र) की सील लगी हुई है। खास बात यह भी सामने आई कि बोरियों पर अंकित 19 जनवरी 2025 की तारीख को मार्कर पेन से बदलकर 19 जनवरी 2026 लिखा गया है, जिससे पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई है।

प्राथमिक जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि वर्ष 2019 में भी इसी मकान से परिपूर्ण पूरक पोषण आहार का बड़ी मात्रा में स्टॉक मिला था।

महिला एवं बाल विकास विभाग के डीपीओ सौरभ सिंह ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में मिलने वाले राशन के अनाधिकृत भंडारण की सूचना पर कलेक्टर के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। मकान की देखरेख दीपक यादव द्वारा किए जाने की जानकारी मिली है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मकान के मालिक डॉ. यादव ने यह मकान किसी परिवहनकर्ता को किराये पर दिया हुआ था।

फिलहाल मौके से मिले 140 बोरी पोषण आहार को जब्त कर कमरे को सील कर दिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।

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