भोपाल नगर निगम में लोकायुक्त की दबिश, फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों के भुगतान की जांच तेज



भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार सुबह नगर निगम कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब लोकायुक्त पुलिस की विशेष टीम ने अचानक दबिश देकर जांच कार्रवाई शुरू कर दी। टीम ने फतेहगढ़ स्थित निगम कार्यालय सहित एक अन्य दफ्तर में छापामार कार्रवाई करते हुए वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की।

जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई नगर निगम में निर्माण कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर करोड़ों रुपये के भुगतान किए जाने की शिकायतों के आधार पर की गई है। सुबह दफ्तर खुलते ही लोकायुक्त की टीम निगम कार्यालय पहुंच गई, जिससे कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया।

फायनेंस और कंप्यूटर शाखा जांच के घेरे में

लोकायुक्त की टीम ने सबसे पहले नगर निगम की फायनेंस और कंप्यूटर शाखा को अपने घेरे में लिया। जांच अधिकारियों ने दोनों शाखाओं के दस्तावेज, कंप्यूटर रिकॉर्ड और भुगतान से संबंधित फाइलों की पड़ताल शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक लंबे समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि कई निर्माण कार्यों के नाम पर केवल कागजों में बिल बनाकर भुगतान निकाल लिया गया, जबकि जमीन पर काम या तो हुआ ही नहीं या बेहद सीमित स्तर पर किया गया।

10 साल पुराने रिकॉर्ड जब्त

इस कार्रवाई का सबसे अहम पहलू यह है कि लोकायुक्त पुलिस ने शिकायतों के आधार पर पिछले लगभग दस वर्षों से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेज भी जब्त किए हैं। इससे यह संकेत मिल रहा है कि मामला किसी एक कार्यकाल तक सीमित नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे संगठित भ्रष्टाचार से जुड़ा हो सकता है।

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