तेज धूप और गर्मी से हैं बेहाल! खुद को सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

 


मार्च के महीने में ही सूरज के तेवर तल्ख होने लगे हैं और पारा तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। गर्मी की इस दस्तक के साथ ही हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि आप इस चिलचिलाती धूप में भी खुद को कूल रख सकें।

भारत के कई राज्यों में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है वैसे-वैसे अस्पतालों में हीटस्ट्रोक और लू की चपेट में आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है। विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम न केवल खुद को बल्कि अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सकते हैं।

पानी ही बचाएगा जान

गर्मी में सबसे बड़ी चुनौती डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) है। इससे बचने के लिए प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें। अपनी डाइट में नींबू पानी, ताजी छाछ, नारियल पानी और ORS जैसे पेय पदार्थों को शामिल करें। ये ड्रिंक्स न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को भी पूरा करते हैं।

क्या पहनें और कब बाहर निकलें?

  • गर्मी के मौसम में आपके कपड़ों का चुनाव बहुत मायने रखता है।
  • हमेशा हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनें जो पसीना सोख सकें और शरीर को हवा लगने दें।
  • गहरे रंग के और टाइट कपड़े पहनने से बचें क्योंकि ये गर्मी को ज्यादा सोखते हैं।
  • दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब धूप सबसे तेज होती है बाहर निकलने से परहेज करें।
  • अगर बाहर जाना मजबूरी हो तो छाता, टोपी, धूप का चश्मा और गीला गमछा साथ जरूर रखें।


इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

हीटस्ट्रोक जानलेवा हो सकता है। यदि आपको या आपके आसपास किसी को अचानक तेज बुखार, पसीना आना बंद होना, चक्कर आना, उल्टी, तेज सिरदर्द, बेहोशी या त्वचा का लाल और सूखा होना जैसे लक्षण दिखें तो यह खतरे की घंटी है। ऐसी स्थिति में तुरंत मरीज को छायादार ठंडी जगह पर ले जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।

रखें विशेष ख्याल

खास तौर पर बच्चों और बुजुर्गों का इस समय ज्यादा ख्याल रखें क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। साथ ही अपने पालतू जानवरों को भी धूप में न बांधें उन्हें ठंडी जगह पर रखें और पर्याप्त पानी दें।

गर्मी के इस मौसम में भारी व्यायाम से बचें और घर को ठंडा रखने के लिए कूलर, पंखे या एसी का सही इस्तेमाल करें। याद रखें सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

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