क्या आपको भी सता रही है बदहजमी? इन 5 देसी नुस्खों से तुरंत पाएं राहत

 


होली का त्योहार यानी पकवानों की बहार लेकिन हद से ज्यादा तली-भुनी चीजें और मिठाइयां अक्सर बदहजमी, एसिडिटी और पेट फूलने का कारण बन जाती हैं। अगर आप भी भारीपन से परेशान हैं तो घबराएं नहीं। हमारे किचन में ही कुछ ऐसे मैजिक इंग्रेडिएंट्स छिपे हैं जो मिनटों में राहत दे सकते हैं।

भुना जीरा और काला नमक

होली के भारी खाने को पचाने के लिए जीरा सबसे बेहतरीन औषधि है। एक चम्मच भुने हुए जीरे के पाउडर में थोड़ा सा काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लें। जीरा पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करता है जिससे पेट का भारीपन तुरंत कम होने लगता है।

अदरक और नींबू का शॉट

अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो पेट की जलन को शांत करते हैं। अदरक के एक छोटे टुकड़े को कद्दूकस करके उसका रस निकालें उसमें आधा नींबू और एक चुटकी सेंधा नमक मिलाएं। यह देसी शॉट एसिडिटी को जड़ से खत्म करने में मदद करता है।

अजवाइन और गुनगुना पानी

अगर पकवानों के बाद पेट फूल गया है और गैस बन रही है, तो आधा चम्मच अजवाइन को थोड़े से नमक के साथ चबाकर खाएं और ऊपर से गुनगुना पानी पी लें। अजवाइन में मौजूद थायमोल पाचन प्रक्रिया को तेज करता है और पेट के दर्द में राहत देता है।


पुदीने की चाय या शरबत

केमिकल वाले रंगों और ऑयली खाने से शरीर में गर्मी बढ़ जाती है। पुदीने की पत्तियां पेट को ठंडक प्रदान करती हैं। आप पुदीने की चाय पी सकते हैं या ताजी पत्तियों का शरबत ले सकते हैं। यह न केवल पाचन सुधारता है बल्कि जी मिचलाने की समस्या को भी रोकता है।

सौंफ और मिश्री

दादी-नानी का यह नुस्खा आज भी सबसे कारगर है। खाना खाने के बाद सौंफ और मिश्री चबाने से लार का उत्पादन बढ़ता है जो भोजन को तोड़ने में मदद करता है। यह मुंह की दुर्गंध भी दूर करता है और पेट को हल्का महसूस कराता है।

होली के दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। अगर बदहजमी के साथ तेज दर्द या उल्टी की समस्या हो तो घरेलू नुस्खों के बजाय तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। कोशिश करें कि भारी भोजन के तुरंत बाद सोएं नहीं बल्कि 10-15 मिनट तक वज्रासन में बैठें या हल्की वॉक करें।

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