जबलपुर। शहर में अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस ने एक बड़े वाहन कटिंग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने अधारताल थाना क्षेत्र के खजरी-खिरिया बायपास पर छापेमारी कर उस नेटवर्क का खुलासा किया, जो चोरी की कारों को काटकर कबाड़ में बदलने का संगठित धंधा चला रहा था।
छापे में खुला राज, आधी कटी कार मिली
गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने संदिग्ध गैराज पर दबिश दी, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। एक कार आधी कटी हुई हालत में मिली, जिसका इंजन और कई अहम हिस्से अलग किए जा चुके थे। मौके पर खड़े एक ट्रक में भारी मात्रा में स्क्रैप भी लोड मिला, जिसे शहर से बाहर भेजने की तैयारी थी।
जांच के दौरान तीन अन्य वाहनों के कटे हुए हिस्से भी बरामद किए गए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं बल्कि एक संगठित गिरोह का हिस्सा है।
दो आरोपी गिरफ्तार, दस्तावेज नदारद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शंकर टोला निवासी शेख आरिफ (37) और छोटी ओमती निवासी अरबाज अली (26) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में दोनों आरोपी किसी भी तरह के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
न तो उनके पास वाहन स्क्रैपिंग की अनुमति थी, न आरटीओ का अनापत्ति प्रमाण पत्र, और न ही वाहन मालिकों की सहमति। केवल कुछ फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड मिले, जो जांच में अवैध पाए गए।
ऐसे चलता था पूरा नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था—
- अरबाज अली चोरी या संदिग्ध वाहनों की व्यवस्था करता था
- शेख आरिफ अपने गैराज में वाहनों को काटकर उनके पार्ट्स अलग करता था
- बाद में इन पार्ट्स को कबाड़ के रूप में बेचकर मोटा मुनाफा कमाया जाता था
यह भी सामने आया है कि कई वाहनों का न तो रिन्यूअल कराया गया था और न ही टैक्स जमा किया गया था, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका
पुलिस को शक है कि यह गिरोह किसी बड़े अंतरराज्यीय वाहन चोरी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसी आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
