जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। बीते कुछ दिनों से सक्रिय मौसम प्रणाली के असर से प्रदेश के कई जिलों में अचानक मौसम बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 18 घंटों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव का सबसे अधिक असर चंबल और सागर संभाग में देखने को मिल सकता है। वहीं दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया और शहडोल सहित कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश होने के आसार हैं। मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाओं, बादलों और हल्की बारिश ने मौसम में बदलाव के संकेत दे दिए थे।
मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर यह गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ आंधी की स्थिति भी बन सकती है।
किसानों और आमजन के लिए अलर्ट
अचानक बदले इस मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खुले स्थानों पर खड़े रहने, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की अपील की गई है। किसानों को विशेष रूप से अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया है।
तापमान में गिरावट, बढ़ेगा ठंड का असर
मौसम में इस बदलाव का असर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में देखने को मिलेगा। तापमान में गिरावट के साथ मौसम ठंडा और सुहावना हो सकता है, लेकिन आंधी और ओलावृष्टि से नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
प्रदेश में बदलते मौसम के इस मिजाज ने जहां एक ओर गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
