फर्जी सिग्नेचर जांच के नाम पर रिश्वतखोर ASI गिरफ्तार, चाय की दुकान पर लेते पकड़ा गया 20 हजार का सौदा

 


सिवनी/जबलपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सिवनी के कोतवाली थाना में पदस्थ कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक (ASI) दिनेश रघुवंशी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी ASI एक शिकायत की जांच में “सही रिपोर्ट” लगाने और फर्जी हस्ताक्षरों की जांच कराने के नाम पर फरियादी से 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा था।

लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, ग्राम छितापार कुरई निवासी 54 वर्षीय नंदकिशोर चौरसिया ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बेटे अभिषेक चौरसिया को नौकरी दिलाने और सरकारी विभाग में वाहन लगाने का झांसा देकर ठगी व फर्जीवाड़ा किया गया है। इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद जांच की जिम्मेदारी ASI दिनेश रघुवंशी के पास थी।

आरोप है कि जांच अधिकारी दिनेश रघुवंशी ने मामले में सही रिपोर्ट तैयार करने और कथित फर्जी हस्ताक्षरों की जांच करवाने के एवज में 30 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। काफी बातचीत के बाद सौदा 20 हजार रुपए में तय हुआ।

परेशान फरियादी नंदकिशोर चौरसिया ने इसकी शिकायत जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर एसपी से की। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई।

बताया गया है कि तय योजना के अनुसार आज फरियादी रकम लेकर सिवनी पहुंचा। ASI दिनेश रघुवंशी ने उसे एक चाय की दुकान पर बुलाया। जैसे ही फरियादी ने रिश्वत की रकम दी और ASI ने रुपए लेकर अपनी जेब में रखे, उसी दौरान पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।

कार्रवाई में लोकायुक्त डीएसपी नीतू त्रिपाठी, निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक शशिकला मस्कुले, एसआई शिशिर पांडेय सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। लोकायुक्त टीम आरोपी ASI के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई कर रही है।

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