जबलपुर: आम जनता की शिकायतों और कानूनी उलझनों के समाधान के लिए जिला पुलिस मुख्यालय में साप्ताहिक जनसुनवाई का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने खुद कमान संभालते हुए जिले भर से आए दर्जनों फरियादियों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना और लंबित मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करना रहा, जिससे लोगों को अपने अधिकारों के संरक्षण का भरोसा मिल सके।
शिकायतों का अंबार और एसपी की त्वरित कार्यवाही
मंगलवार को आयोजित इस जनसुनवाई में शहर और ग्रामीण इलाकों से कुल 75 शिकायतकर्ता अपनी व्यथा लेकर पहुंचे। प्राप्त शिकायतों में अधिकांश मामले पारिवारिक कलह, भूमि विवाद, आपसी मारपीट और बढ़ते साइबर अपराधों से संबंधित थे। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक फरियादी की बात को संवेदनशीलता के साथ सुना और मौके पर ही संबंधित थाना प्रभारियों व राजपत्रित अधिकारियों को फाइलें सौंपते हुए कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निराकरण एक निश्चित समय-सीमा के भीतर होना चाहिए ताकि पीड़ितों को न्याय के लिए बार-बार भटकना न पड़े।
अधिकारियों की मौजूदगी और विभागीय सक्रियता
मुख्यालय में आयोजित इस जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक के साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सूर्यकांत शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात सुश्री अंजना तिवारी और नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली रीतेश कुमार शिव भी मौजूद रहे। इन वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं का अध्ययन किया और तत्काल आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। अधिकारियों की इस सामूहिक मौजूदगी ने आवेदकों को यह संदेश दिया कि विभाग उनकी सुरक्षा और समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी तरह गंभीर है।
जिले के सभी थानों में जनसंवाद का विस्तार
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के साथ-साथ जिले के तमाम थानों और चौकियों में भी इसी तरह की जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना था जो लंबी दूरी तय कर मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाते हैं। स्थानीय स्तर पर थाना प्रभारियों ने अपने क्षेत्रों के लोगों की शिकायतों को सुना और उनका समाधान निकालने का प्रयास किया। पुलिस प्रशासन की इस व्यापक कवायद से यह स्पष्ट हो गया है कि जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जनता की शिकायतों के निपटारे को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
