भोपाल। राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले की जांच कर रही सीबीआई को जांच के दौरान एक नया और महत्वपूर्ण सुराग मिला है। मृतका की सास एवं पूर्व जज गिरिबाला सिंह द्वारा घटना के 11 दिन बाद पुलिस को सौंपे गए मोबाइल फोन में सिम कार्ड नहीं मिलने से कई नए सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसी अब इस पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
जानकारी के मुताबिक, 23 मई को गिरिबाला सिंह ने एक मोबाइल फोन पुलिस को सौंपा था। हालांकि, जब जांच एजेंसी ने मोबाइल की जांच की तो उसमें सिम कार्ड मौजूद नहीं था। ऐसे में सीबीआई यह जानने का प्रयास कर रही है कि घटना के बाद इतने दिनों तक मोबाइल जांच एजेंसियों से दूर क्यों रहा और उसका सिम कार्ड कहां गया। एजेंसी इस पहलू को संभावित डिजिटल साक्ष्यों से जोड़कर देख रही है।
जांच के दौरान पहले भी यह तथ्य सामने आया था कि ट्विशा के पति समर्थ सिंह के मोबाइल फोन से कई संदेश डिलीट पाए गए थे। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई को आशंका है कि मामले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण डिजिटल सबूतों के साथ छेड़छाड़ की गई हो सकती है। यही कारण है कि मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की जा रही है।
मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से पूछताछ के लिए 50 से अधिक सवालों की सूची तैयार की है। पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि गर्भपात के बाद मानसिक तनाव में होने के कारण ट्विशा ने आत्मघाती कदम उठाया हो सकता है। वहीं, सीबीआई दोनों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का वैज्ञानिक आधार पर विश्लेषण कर रही है।
घटनाक्रम की सच्चाई तक पहुंचने के लिए जांच एजेंसी ने ट्विशा की लंबाई और वजन के अनुरूप एक विशेष डमी भी तैयार करवाई है। इस डमी की मदद से घटनास्थल का रीक्रिएशन किया जाएगा, ताकि यह जांचा जा सके कि अब तक सामने आए साक्ष्य और संबंधित पक्षों द्वारा बताए गए घटनाक्रम आपस में मेल खाते हैं या नहीं।
फिलहाल सीबीआई मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और घटनास्थल के पुनर्निर्माण से मिलने वाले निष्कर्ष इस बहुचर्चित मामले की जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
