जबलपुर। क्या किसी 10-12 करोड़ रुपये के सरकारी टेंडर में 60 करोड़ रुपये के औसत टर्नओवर की अनिवार्यता तय कर प्रतिस्पर्धा को सीमित किया जा सकता है?
प्रथमदृष्टया माना कि याचिकाकर्ता की आपत्तियों में पर्याप्त दम
हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति विवेक रूसिया की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने इस प्रश्न को गंभीर संवैधानिक और प्रशासनिक मुद्दा मानते हुए सांदीपनि स्कूलों की यूनिफार्म आपूर्ति से जुड़े टेंडर पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने प्रथमदृष्टया माना कि याचिकाकर्ता की आपत्तियों में पर्याप्त दम है।
अगली सुनवाई तक वर्क आर्डर जारी नहीं करने का निर्देश दिया
कोर्ट ने राज्य शासन सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई तक वर्क आर्डर जारी नहीं करने का निर्देश दिया। यह अंतरिम आदेश सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा, समान अवसर और युक्तिसंगत पात्रता शर्तों के सिद्धांतों पर न्यायिक निगरानी का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
पहले सभी निर्माता पात्र, फिर केवल ओईएम को मौका
दरअसल, राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित सुविधि रेयन्स प्राइवेट लिमिटेड के चिराग जैन की ओर से दायर याचिका में कहा गया कि प्रारंभिक टेंडर शर्तों के अनुसार गारमेंट निर्माता, फैब्रिक निर्माता अथवा दोनों श्रेणी की कंपनियां निविदा में भाग ले सकती थीं।
बाद में पात्रता शर्तों में संशोधन कर केवल ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (ओईएम) को ही पात्र कर दिया गया। इसके साथ ही पिछले तीन वर्षों में 60 करोड़ रुपये के औसत वार्षिक टर्नओवर की अनिवार्यता भी जोड़ दी गई।
छोटे टेंडर के लिए बड़ी शर्त, अनुभवी कंपनियों को बाहर करने का प्रयास
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ब्रायन डिसिल्वा व अधिवक्ता अभिषेक दिलराज ने दलील दी कि संबंधित टेंडर का मूल्य लगभग 10 से 12 करोड़ रुपये है।
टर्नओवर की शर्त पूरी तरह असंगत
ऐसे में 60 करोड़ रुपये के टर्नओवर की शर्त पूरी तरह असंगत, मनमानी और अनुपातहीन है। यह शर्त उन कंपनियों को बाहर करने के उद्देश्य से बनाई गई है, जो पिछले दो-तीन वर्षों से समान मूल्य के सरकारी कार्य सफलतापूर्वक कर रही हैं।
कोर्ट ने कहा-दलीलों में प्रथमदृष्टया दम, फिलहाल नहीं जारी होगा वर्क आर्डर
कोर्ट ने याचिकाकर्ता की दलीलों को प्रथमदृष्टया विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार और अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी किया। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक संबंधित टेंडर का वर्क आर्डर जारी नहीं किया जाएगा।
