जबलपुर में शुरू हुआ 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान, साइबर ठगी से बचाव के लिए 15 दिन तक चलेगी जनजागरूकता मुहिम

 



जबलपुर। डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से जबलपुर पुलिस ने 'सेफ क्लिक 2.0' विशेष जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की है। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के मार्गदर्शन में 24 जून से 8 जुलाई 2026 तक चलने वाले इस 15 दिवसीय अभियान के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधियों के नए-नए हथकंडों से सतर्क रहने की जानकारी दी जा रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर संचालित इस अभियान का शुभारंभ पुलिस कंट्रोल रूम में किया गया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आयुष जाखड़, अनु बेनिवाल, जितेन्द्र सिंह, पल्लवी शुक्ला, अंजना तिवारी, सूर्यकांत शर्मा एवं अखिलेश तिवारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाएं।

स्कूल, कॉलेज और बाजारों में पहुंच रही पुलिस

अभियान के तहत पुलिस की टीमें शहर के प्रमुख चौराहों, स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और बाजारों में पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही हैं। बैनर, पोस्टर और पंपलेट के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, ओटीपी फ्रॉड, क्यूआर कोड ठगी, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग और साइबर बुलिंग जैसे अपराधों से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं।

विद्यार्थियों को ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी और ब्लैकमेलिंग के खतरों से अवगत कराया जा रहा है, वहीं व्यापारियों को सुरक्षित डिजिटल भुगतान और क्यूआर कोड फ्रॉड से बचने के उपाय समझाए जा रहे हैं।

पुलिस की अपील—ओटीपी और पासवर्ड किसी से साझा न करें

पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, संदिग्ध लिंक या लालच देने वाले ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा न करें। किसी भी स्थिति में अपना ओटीपी, बैंक पासवर्ड, एटीएम पिन या अन्य गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत

जबलपुर पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो वह बिना समय गंवाए साइबर सेल जबलपुर हेल्पलाइन नंबर 7701050010 या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। इसके अलावा शिकायत www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती है।

पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कहा कि साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। यदि नागरिक सतर्क रहेंगे तो साइबर ठगों की अधिकांश कोशिशें नाकाम हो जाएंगी। आने वाले दिनों में अभियान को और व्यापक स्तर पर चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया जा सके।

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