बैतूल में भीषण सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने पिता-पुत्र को कुचला, मौके पर मौत; स्पीड ब्रेकर की मांग पर भड़के ग्रामीण

 


बैतूल। जिले के चिचोली थाना क्षेत्र अंतर्गत बारंगवाड़ी मोक्षधाम के समीप गुरुवार को हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार पिता और पुत्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक के साथ-साथ लोगों में भारी आक्रोश भी देखने को मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने दुर्घटना स्थल पर स्पीड ब्रेकर निर्माण की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

पुलिस के अनुसार, बारंगवाड़ी निवासी मनीराम यादव, जो एक बैंक में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे, गुरुवार को अपने पुत्र चंद्रेश यादव को बाइक से चिचोली छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान इंदौर से मनिहारी सामान लेकर आ रहा तेज रफ्तार ट्रक क्रमांक MP09HH0524 अनियंत्रित होकर उनकी बाइक से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े और ट्रक उन्हें कुचलता हुआ निकल गया। हादसा इतना भयावह था कि पिता-पुत्र ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही राहगीरों ने तत्काल डायल-112 पुलिस और 1033 एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस एवं एंबुलेंस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को चिचोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पोस्टमार्टम की औपचारिकता पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर लिया है, जबकि चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश के लिए पुलिस ने टीम गठित कर जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीणों में फूटा गुस्सा, स्पीड ब्रेकर की मांग

दुर्घटना के बाद बारंगवाड़ी, नसीराबाद और आसपास के गांवों के लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर लगातार तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए।

ग्रामीणों ने तहसीलदार प्रेम सिंह दिवान और थाना प्रभारी हरिओम पटेल को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए हादसा स्थल के दोनों ओर स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग की। ग्रामीण प्रतिनिधि बसंत यादव, कमलेश यादव, मनोज सातनकर और राजकुमार उईके ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए गए तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा व्यवस्था

एक और दर्दनाक सड़क हादसे ने सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते तो शायद दो जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।

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