ये नींद क्या है ? क्यों आती है नींद ? रात को जागने से लंबी बीमारियों से कैसे मौत के मुंह में जाता है इंसान ? जानिए नींद का वैज्ञानिक रहस्य. आजकल विज्ञान , कम्प्यूटर और नेट का जमाना है और पूरी दुनियां इंटरनेट से जुड़ गयी है. इसलिए मनुष्य रात और दिन काम करने लगा है. कॉल सेंटर और रात की शिफ्ट में काम करने वाले लोगों का बुरा हाल है. जवान बच्चे बहुत जल्दी नपुंसक और बूढ़े हो रहे हैं. दिनरात काम करने के कारण मनुष्य डिप्रेशन की भयंकर बीमारी और मानसिक रोगों का शिकार होने लगा है. बीमारियां कुकुरमुत्ते की तरह बढ़ रही हैं. रातभर जागना और दिन में सोना प्रकृति के नियमों के विरुद्ध है. जब-जब भी हम प्रकृति के नियमों का उल्लंघन करेंगे तब-तब तबाही के कगार पर आ जाएंगे.
आखिर क्यों रात को जागने से शुगर , उच्च रक्तचाप, किडनी फैलोर, कम उम्र में हार्ट अटैक , डिप्रेशन , सिरदर्द , बुद्धि का कमजोर होना , याद न रहना , और बुढ़ापा तथा हिजडापन जैसी बीमारियां आ रही हैं. नींद शरीर का एक ऑटोमैटिक सेंसर है, जो अपान प्राण के द्वारा संचालित है. पांचों प्राणों का संबंध शरीर की ऊर्जा शक्ति के साथ होता है. नींद का संबंध शरीर की ऊर्जा शक्ति के साथ साथ 72,72 ,10,202 नस-नाड़ियों के साथ होता है. जब शरीर में ऊर्जा की कमी होनी शुरू हो जाती है तो अपान प्राण नींद को संकेत कर देता है कि शरीर से काम लेना बंद कर दें और ऊर्जा की खपत को बंद कर दें क्योंकि शरीर थक चुका है. अन्यथा शरीर के अंगों पर दुष्प्रभाव पड़ेगा. प्राण सूर्य की किरणों से संचालित होते हैं. प्राण दिन में सूर्य से ऊर्जा एकत्रित कर लेते हैं.
क्यों होती हैं बीमारियां?
प्राण शरीर को इन्वर्टर की तरह चार्ज कर देते हैं. रात को प्राणों को ऊर्जा की सप्लाई नहीं हो पाती है, फिर भी रात भर जागने से शरीर तो काम करता है और ऊर्जा की खपत भी करता है. ऐसी स्थिति में समान प्राण शरीर को ऊर्जा की पूर्ति के लिए शरीर के चलायमान अंगो से ( लीवर, किडनी, फेफड़े, आंते, हृदय, मस्तिष्क , पेनक्रिया तथा पेट ) से ऊर्जा लेना शुरू कर देता है. शरीर में ऊर्जा की सप्लाई का काम समान प्राण के पास होता है. जब पूरी रात जागते हैं तो 1 हफ्ते में शरीर के ये अंग बहुत कमजोर हो जाते हैं और इन अंगो की ऊर्जा शक्ति समाप्त हो जाती है, जिसके कारण उपर लिखी हुई बीमारियां पैदा हो जाती हैं. जब ये शरीर के अंग कमजोर हो जाते हैं तो फिर समान प्राण शरीर के बाहरी हिस्से से ऊर्जा लेना शुरू कर देता है, जिसके कारण मनुष्य पहले अन्दर के अंगों से कमजोर होता है उसके बाद शरीर के बाहरी हिस्से से अंगो ( हिप्स , जांघे , हाथ , गाल , गर्दन ) से कमजोर होकर दुबला होना शुरू हो जाता है.
रात को जागना क्यों हैं घातक?
ज्यादा काम करने वाले लोगों को ज्यादा नींद आती है, क्योंकि शरीर में ऊर्जा की खपत ज्यादा हो जाती है और शरीर थक जाता है. शरीर में दुबारा ऊर्जा की आपूर्ति के लिए नींद शरीर को निष्क्रिय अवस्था में कर देती है या हम यह कह सकते हैं कि (Non Working Mode) पर डाल देती है, जिसके कारण शरीर अचेतन अवस्था में चला जाता है और सो जाता है . इसलिए नींद शरीर का एक ऑटोमैटिक ऊर्जा मापक यंत्र है, जो आपको समय-समय पर संकेत देता है कि अब आप सो जाओ अन्यथा अंग बीमार हो जाएंगे. अगर आप नींद की नहीं मानोगे तो वह आपके शरीर के अंगो को नुकसान (damage) कर देगी, इसलिए रात को जागने वाले और दिन को सोने वाले लोग की उम्र आधी रह जाती है और लंबी बीमारी के कारण अचानक जल्दी म्रत्यु को प्राप्त हो जाते हैं. इसलिए स्वस्थ रहने के लिए मनुष्य को रात को पूरी नींद करनी चाहिए. गहरी नींद लेने का समय 10 से 4 बजे तक ही होता है.
