सामूहिक विवाह में हंगामा: वादा पूरा न होने पर दुल्हन शादी के जोड़े में पहुंची थाने



 डबरा। सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन में उस समय अजीब स्थिति बन गई जब एक नवविवाहिता विदाई से पहले सीधे थाने पहुंच गई। दुल्हन का आरोप था कि विवाह आयोजन समिति ने शादी से पहले बाइक और गृहस्थी का सामान देने का वादा किया था, लेकिन विदाई के समय वह सामान उपलब्ध नहीं कराया गया। नाराज दुल्हन ने विवाह स्थल पर विरोध जताने के बाद डबरा सिटी थाने का रुख किया।

90-90 हजार रुपये जमा कराने का दावा


जानकारी के अनुसार मीट मार्केट क्षेत्र निवासी लवली वाल्मीकि का विवाह झांसी निवासी सुनील वाल्मीकि के साथ नगर के रंग महल गार्डन में आयोजित सर्वजातीय सामूहिक विवाह सम्मेलन में संपन्न हुआ। इस सम्मेलन का आयोजन ईशानी शिक्षा एवं जन कल्याण समिति द्वारा किया गया था।

परिजनों का आरोप है कि विवाह से पहले समिति के पास दुल्हन पक्ष ने 90 हजार रुपये और दूल्हा पक्ष ने भी 90 हजार रुपये जमा कराए थे। बदले में बाइक और गृहस्थी का सामान उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था।

विदाई के समय बढ़ा विवाद

विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद जब विदाई की तैयारी चल रही थी, तब ससुराल पक्ष ने आयोजकों से वादा किए गए सामान के संबंध में जानकारी मांगी। आरोप है कि आयोजकों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और सामान भी उपलब्ध नहीं कराया गया।

इस बात से नाराज होकर दुल्हन ने विदाई से इनकार कर दिया और शादी के जोड़े में ही सीधे डबरा सिटी थाने पहुंच गई। विवाह के परिधान में दुल्हन को थाने पहुंचते देख पुलिसकर्मी और वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए।

पुलिस ने कराया समाधान

मामले की जानकारी मिलने पर एसडीओपी सौरभ कुमार ने दुल्हन और उसके परिजनों से बातचीत की। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाइश दी और आयोजकों से चर्चा कर समस्या का समाधान कराने का भरोसा दिलाया।

एसडीओपी ने बताया कि सामूहिक विवाह सम्मेलन में सामान नहीं मिलने की शिकायत लेकर एक दुल्हन थाने पहुंची थी। उसे आवश्यक आश्वासन दिया गया, जिसके बाद वह संतुष्ट होकर अपनी ससुराल के लिए रवाना हो गई।

आयोजनों की पारदर्शिता पर उठे सवाल

इस घटना के बाद सामूहिक विवाह सम्मेलनों में किए जाने वाले वादों और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों में प्रतिभागियों को मिलने वाली सुविधाओं और सामग्री की स्पष्ट जानकारी पहले से सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।

Post a Comment

Previous Post Next Post