जबलपुर में नकली DAP बनाने का बड़ा भंडाफोड़, कृषि विभाग की छापेमारी में भारी मात्रा में सामग्री जब्त, गोदाम सील

 


जबलपुर। खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत कृषि विभाग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली डीएपी खाद बनाने के एक संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। विकासखंड पाटन के ग्राम करोंदी में की गई छापेमार कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में संदिग्ध दानेदार सामग्री, ब्रांडेड कंपनी की खाली बोरियां और बड़ी संख्या में कीटनाशक जब्त किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित कृषि केंद्र के गोदाम को भी सील कर दिया गया है।
उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने बताया कि कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के निर्देश पर जिलेभर में खाद-बीज एवं कीटनाशकों की आकस्मिक जांच की जा रही है। इसी अभियान के तहत अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ. इंदिरा त्रिपाठी के नेतृत्व में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी पंकज श्रीवास्तव एवं पंकज शर्मा की टीम ने ग्राम करोंदी (14 मील) स्थित बहादुर सिंह राजपूत के निवास पर दबिश दी।
नकली डीएपी बनाने का सामान मिला

जांच के दौरान टीम को मौके से 61 भरी हुई और 100 खाली बोरियों में संदिग्ध दानेदार सामग्री मिली, जिसका उपयोग प्रारंभिक जांच में नकली डीएपी खाद तैयार करने में किए जाने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा पारादीप फास्फेट लिमिटेड (PPL) कंपनी के नाम और लोगो वाली 56 खाली बोरियां भी बरामद हुईं, जिन पर स्थानीय स्तर पर छपाई होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

कार्रवाई के दौरान मौके से तौल कांटा भी मिला, जबकि पीपीएल कंपनी के नाम से भरी 31 बोरियां भी जब्त की गई हैं। कृषि विभाग को आशंका है कि इन बोरियों में नकली डीएपी भरकर किसानों को बेचने की तैयारी की जा रही थी। जब्त सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
कृषि केंद्र पर भी पड़ी दबिश

कृषि अधिकारियों ने बहादुर सिंह राजपूत द्वारा संचालित विष्णु वराह कृषि केंद्र की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान यहां से बड़ी मात्रा में कीटनाशक बरामद किए गए, जिनकी बिक्री के लिए आवश्यक प्रिंसिपल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं कराया जा सका।

जांच में निम्न सामग्री जब्त की गई—
इमिडाक्लोप्रिड की 42 बोतलें
हेक्साकोनाजोल की 50 बोतलें
अटेन की 300 बोतलें
टीओपोमोज़ीम की 48 बोतलें

सभी कीटनाशकों को पंचनामा बनाकर जब्त कर लिया गया है। साथ ही प्रतिष्ठान के कीटनाशक गोदाम को सील कर दिया गया है।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जब्त खाद और अन्य सामग्री की प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, कीटनाशक अधिनियम तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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