बदहाल सड़क बनी मौत का कारण! गर्भवती महिला और अजन्मे बच्चे की मौत ने खोली विकास के दावों की पोल

 


जबलपुर। स्मार्ट सिटी और विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जबलपुर से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर सीमा से लगे एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड स्थित ब्रजपुरी कॉलोनी में सड़क की बदहाली एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की जान पर भारी पड़ गई।

जानकारी के अनुसार 22 वर्षीय ममता कुशवाहा करीब साढ़े सात माह की गर्भवती थीं। शुक्रवार शाम अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई। उस समय उनके पति अमन कुशवाहा मजदूरी के सिलसिले में घर से बाहर थे। घर में मौजूद उनकी जेठानी ने तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन कॉलोनी तक जाने वाली सड़क कीचड़, गहरे गड्ढों और खराब हालात से इतनी बदहाल थी कि कोई भी वाहन चालक अंदर जाने को तैयार नहीं हुआ।

दर्द से कराह रही ममता के सामने कोई विकल्प नहीं बचा। मजबूरी में उन्हें अपनी जेठानी के सहारे पैदल ही मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ा। करीब दो किलोमीटर का यह कठिन सफर उनके लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था। खराब सड़क और लगातार बढ़ती पीड़ा के बीच समय तेजी से निकलता जा रहा था।

मुख्य मार्ग पर पहुंचने के बाद किसी तरह एक ऑटो मिला, जिससे उन्हें लेडी एल्गिन अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंचने की इस भागदौड़ में अमूल्य समय नष्ट हो चुका था।

बताया जाता है कि मेडिकल कॉलेज पहुंचने तक गर्भ में पल रहे शिशु की मौत हो चुकी थी। कुछ ही देर बाद ममता ने भी दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।

रहवासियों ने उठाए सवाल

ब्रजपुरी कॉलोनी के निवासियों का कहना है कि क्षेत्र की जर्जर सड़क और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि यदि सड़क की स्थिति बेहतर होती और समय पर वाहन उपलब्ध हो जाता, तो शायद ममता और उसके अजन्मे बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।

विकास के दावों पर खड़े हुए सवाल

ममता और उसके अजन्मे बच्चे की मौत ने एक बार फिर विकास के दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर कर दिया है। यह घटना केवल एक परिवार की व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि उन बुनियादी सुविधाओं की कमी का दर्दनाक उदाहरण है, जिनकी अनुपलब्धता कभी-कभी जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय कर देती है।

अब स्थानीय नागरिक प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि ब्रजपुरी कॉलोनी की सड़क का तत्काल निर्माण कराया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

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