जबलपुर। ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच झाबुआ जिले की पुलिस एक मोबाइल व्यापारी से हुई 2 लाख 52 हजार 680 रुपये की साइबर ठगी के आरोपियों की तलाश में शनिवार को जबलपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के सहयोग से शहर के विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन आरोपियों का कोई सुराग नहीं लग सका। कार्रवाई के बाद पुलिस टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार झाबुआ जिले के थांदला निवासी रवि गादिया मोबाइल फोन का कारोबार करते हैं। कुछ समय पहले उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक व्यक्ति ने संपर्क किया और स्वयं को उज्जैन का बड़ा मोबाइल व्यापारी बताया। आरोपी ने बाजार मूल्य से कम कीमत पर मोबाइल फोन उपलब्ध कराने का झांसा दिया और भरोसा जीतने के बाद रवि गादिया से अलग-अलग माध्यमों से कुल 2 लाख 52 हजार 680 रुपये अपने बताए बैंक खाते में जमा करा लिए।
राशि ट्रांसफर होने के बाद जब मोबाइल फोन की डिलीवरी नहीं हुई और आरोपी ने संपर्क करना बंद कर दिया, तब व्यापारी को अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने झाबुआ में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच में जबलपुर से जुड़े मिले तार
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की। जांच में मिले सुरागों से पता चला कि ठगी को अंजाम देने वाले संदिग्धों का संबंध जबलपुर से हो सकता है। इसी आधार पर झाबुआ पुलिस की विशेष टीम जबलपुर पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से संभावित ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की।
साइबर अपराधियों के नए तरीके से बढ़ी चिंता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी अब व्यापारियों को कम कीमत पर माल उपलब्ध कराने का लालच देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे मामलों में बिना सत्यापन किए किसी भी व्यक्ति के खाते में रकम ट्रांसफर करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।
