भोपाल। ट्विशा शर्मा प्रकरण में आरोपी बनाई गईं पूर्व न्यायाधीश गिरिबाला सिंह इन दिनों भोपाल सेंट्रल जेल की महिला बैरक में न्यायिक हिरासत के तहत रह रही हैं। एक समय अदालत में न्यायिक दायित्व निभाने वाली गिरिबाला सिंह आज जेल रिकॉर्ड में कैदी नंबर 71 के रूप में दर्ज हैं। मामले में उनके साथ उनके बेटे समर्थ सिंह को भी अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है।
गिरिबाला सिंह लंबे समय तक न्यायिक सेवा में रहीं और अपने कार्यकाल के दौरान अनेक मामलों की सुनवाई कर चुकी हैं। सेवानिवृत्ति के बाद उनका जीवन सामान्य रूप से गुजर रहा था, लेकिन ट्विशा शर्मा प्रकरण में नाम सामने आने के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गईं। वर्तमान में वे न्यायिक प्रक्रिया का सामना कर रही हैं और मामले की सुनवाई जारी है।
जेल के नियमों के बीच गुजर रही दिनचर्या
सूत्रों के अनुसार, भोपाल सेंट्रल जेल की महिला बैरक में गिरिबाला सिंह की दिनचर्या अन्य बंदियों की तरह जेल नियमों के अनुसार संचालित हो रही है। निर्धारित समय पर भोजन, बैरक की गिनती और जेल प्रशासन के नियमों का पालन उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि उनके पास जेल नियमों के अनुरूप सीमित निजी सामान उपलब्ध है।
कानूनी प्रक्रिया जारी
अदालत द्वारा गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है तथा अंतिम निर्णय आना शेष है। ऐसे में आरोपों की पुष्टि या निरस्तीकरण का फैसला अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।
मामले पर बनी हुई है नजर
ट्विशा शर्मा प्रकरण ने प्रदेशभर में व्यापक चर्चा बटोरी है। मामले से जुड़े घटनाक्रम पर कानूनी विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और आम लोगों की नजर बनी हुई है। आगामी सुनवाई में जांच एजेंसियों और पक्षकारों द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर मामले की दिशा तय होगी।
