डुमना एयरपोर्ट पर तकनीकी खराबी से इंडिगो की फ्लाइट तीन घंटे लेट, यात्रियों का फूटा गुस्सा



जबलपुर। डुमना एयरपोर्ट पर गुरुवार सुबह जबलपुर से दिल्ली जाने वाली इंडिगो की उड़ान पुशबैक ट्रैक्टर में आई तकनीकी खराबी के कारण करीब तीन घंटे की देरी से रवाना हुई। विमान समय पर पार्किंग बे से रनवे तक नहीं पहुंच सका, जिससे यात्रियों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा। बार-बार बोर्डिंग कराने और फिर यात्रियों को विमान से उतारने की प्रक्रिया से नाराज यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा करते हुए एयरलाइन प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई।

जानकारी के अनुसार, विमान को पार्किंग बे से रनवे तक ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाला पुशबैक ट्रैक्टर अचानक तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। इस वजह से विमान निर्धारित समय पर अपनी पार्किंग से बाहर नहीं निकल सका और उड़ान प्रभावित हो गई।

क्या होता है पुशबैक ट्रैक्टर?

विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े यात्री विमानों में सामान्य वाहनों की तरह रिवर्स गियर नहीं होता। इसलिए टर्मिनल पर खड़े विमान को पीछे हटाने के लिए विशेष पुशबैक ट्रैक्टर का उपयोग किया जाता है। यह मशीन विमान के अगले पहिए (नोज व्हील) से जुड़कर उसे सुरक्षित रूप से पीछे धकेलती है, ताकि विमान टैक्सीवे के रास्ते रनवे तक पहुंच सके। इस मशीन में खराबी आने पर विमान अपनी पार्किंग से बाहर नहीं निकल पाता और उड़ान में देरी होना स्वाभाविक है।

बार-बार बोर्डिंग से यात्रियों में बढ़ी नाराजगी

तकनीकी समस्या के दौरान एयरलाइन ने पहले यात्रियों को विमान में बैठाया, लेकिन कुछ देर बाद तकनीकी कारण बताते हुए उन्हें वापस टर्मिनल भेज दिया। इसके बाद दोबारा बोर्डिंग कराई गई, लेकिन उड़ान फिर भी शुरू नहीं हो सकी। यह प्रक्रिया कई बार दोहराए जाने से यात्रियों का धैर्य टूट गया।

यात्रियों ने एयरलाइन प्रबंधन पर स्पष्ट जानकारी नहीं देने का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया और समय पर सही सूचना उपलब्ध कराने की मांग की।

तीन घंटे बाद रवाना हुई उड़ान

करीब तीन घंटे की मशक्कत और तकनीकी खराबी दूर होने के बाद पुशबैक ट्रैक्टर को दोबारा संचालित किया गया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से रनवे तक ले जाया गया और इंडिगो की फ्लाइट दिल्ली के लिए रवाना हो सकी।

घटना के चलते यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों ने एयरलाइन से बेहतर समन्वय और समय पर सूचना देने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति में यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

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