जबलपुर के न्यू भेड़ाघाट क्षेत्र अंतर्गत ललपुर में नर्मदा नदी पर निर्माणाधीन ‘आइकॉनिक ब्रिज’ पर हुए दर्दनाक हादसे के बाद शासन-प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। रिंग रोड फेज-2 के तहत बनाए जा रहे इस पुल के पिलर की शटरिंग गिरने की घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। हादसे से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट दिल्ली स्थित केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेज दी गई है।
100 फीट ऊंचाई से गिरा ढांचा, एक की मौत, दो गंभीर
यह हादसा रविवार रात (25 जनवरी) को उस समय हुआ, जब पिलर नंबर-22 पर कंक्रीट ढलाई (सेंटरिंग) का कार्य चल रहा था। करीब 100 फीट ऊंचाई पर अचानक लोहे का ढांचा भरभराकर गिर पड़ा। मलबे की चपेट में आने से पश्चिम बंगाल निवासी 35 वर्षीय मजदूर मुरसलीम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज मेडिकल अस्पताल में जारी है।
दिल्ली की तकनीकी टीम करेगी जांच
घटना की सूचना मिलते ही एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृतलाल साहू सहित अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह नट-बोल्ट का ढीला होना या तकनीकी चूक मानी जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जबलपुर प्रशासन ने फाइल केंद्रीय मंत्रालय को भेजी है। मंत्रालय स्तर पर विशेषज्ञों की एक कमेटी गठित कर निर्माण गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा प्रबंधों की गहन जांच कराई जाएगी।
इधर, स्थानीय पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। यह भी तफ्तीश की जा रही है कि ऊंचाई पर काम के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। उल्लेखनीय है कि यह ब्रिज जबलपुर रिंग रोड का अहम हिस्सा है और नर्मदा नदी पर एक ‘आइकॉनिक’ संरचना के रूप में विकसित किया जा रहा है।
