कॉरपोरेट स्टाइल में चलता था अपराध का ‘गैंग’
पुलिस जांच में सामने आया है कि राजू ईरानी महज एक अपराधी नहीं, बल्कि ईरानी गैंग के संगठित अपराध का सरगना माना जाता है। वह अपनी गैंग को किसी कॉरपोरेट कंपनी की तरह संचालित करता था। गैंग का कोई सदस्य यदि पुलिस मुठभेड़ में मारा जाता या गिरफ्तार होता, तो उसकी जमानत, वकीलों का खर्च और परिवार की देखरेख की जिम्मेदारी खुद राजू उठाता था। इसके बदले हर वारदात से होने वाली कमाई का बड़ा हिस्सा उसके पास जमा होता था।
ईरान तक छिपा रहा फरारी के दौरान
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि फरारी के दौरान राजू ईरानी सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि ईरान में भी छिपा रहा। वहां से उसके कुछ वीडियो भी वायरल हुए थे। हाल ही में वह सूरत में अपने साढ़ू के घर पहचान छिपाकर रह रहा था, जहां से सूरत क्राइम ब्रांच ने उसे दबोच लिया।
पूछताछ में खुद को निर्दोष बताने की कोशिश
पुलिस रिमांड के दौरान राजू ईरानी खुद को निर्दोष बताने की कोशिश कर रहा है। उसने दावा किया कि वह अब अपराध की दुनिया छोड़ चुका है और लोगों का काम करता है। हालांकि पुलिस ने उसके इस बयान को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि उसके खिलाफ भोपाल समेत दिल्ली, मुंबई और कोलकाता में लूट, ठगी और हत्या के प्रयास जैसे दर्जनों गंभीर मामले दर्ज हैं।
इन मामलों में होगी पूछताछ
-
निशातपुरा थाना (भोपाल): हत्या के प्रयास, आगजनी और मारपीट के चार प्रमुख मामले।
-
अन्य शहर: मुंबई और बहराइच (उत्तर प्रदेश) में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी के केस।
-
नेटवर्क: फरारी के दौरान किन-किन सहयोगियों ने उसे आर्थिक और लॉजिस्टिक मदद दी, इसकी जांच।
पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान राजू ईरानी से कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे उसके पूरे आपराधिक नेटवर्क पर शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।
