जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन खंडपीठ ने लापता महिला के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस अधीक्षक जबलपुर को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता की पत्नी जीजी बाई को तलाश कर 8 जनवरी को न्यायालय में उपस्थित किया जाए।
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता अजय रायजादा एवं अमित रायजादा ने न्यायालय को बताया कि तिलवारा निवासी गणेश की पत्नी जीजी बाई गौशाला की कैंटीन में कार्यरत थीं। 19 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 7 बजे वह काम पर जाने की बात कहकर घर से निकलीं, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटीं। परिजनों द्वारा रिश्तेदारों व परिचितों के यहां तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला।
इसके बाद पति ने 20 दिसंबर 2025 को तिलवारा थाना में गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि इसी दौरान शिकायतकर्ता के पास एक अज्ञात मोबाइल नंबर 81020099966 से कॉल आया, जिसमें एक लाख रुपये लेकर आने पर पत्नी को छोड़ने की बात कही गई।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि एफआईआर के बावजूद पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते उसने उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। मामले की सुनवाई करते हुए अवकाशकालीन खंडपीठ ने पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया कि जीजी बाई को खोजकर 8 जनवरी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जाए।
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