आजकल हर किसी की लाइफस्टाइल व्यस्त सी हो गई है इस बीच घर से ऑफिस या कॉलेज जाने के बीच सेहत का सही तरह से ख्याल नहीं रख पाते है। अगर हमारा खानपान बिगड़ा हुआ और दिनचर्या अनियमित हो जाएगी तो घुटनों और कूल्हों के जोड़ों पर इसका बुरा असर पड़ेगा।
इनमें दर्द और कमजोरी आम समस्या बन गई है, लेकिन योग का सरल अभ्यास ‘नी मूवमेंट’ या समस्थिति इन समस्याओं को आसानी से मात दे सकता है। यहां पर नियमित रूप से नी मूवमेंट करने से शरीर को राहत मिलती है।
घुटनों और हिप जॉइंट्स को बनाए मजबूत
यहां पर भारत सरकार के आयुष मंत्रालय द्वारा नी मूवमेंट के फायदों के बारे में बताया गया है। यहां पर नी मूवमेंट घुटनों और हिप जॉइंट्स को मजबूत बनाता है, स्थिरता बढ़ाता है और निचले शरीर की ताकत सुधारता है। यहीं पर ‘नी मूवमेंट’ या ‘समस्थिति’ (सतर्क मुद्रा) नामक यह आसन घुटनों और कूल्हे के जोड़ों को मजबूत बनाने में बेहद उपयोगी है। यह आसान अभ्यास निचले शरीर की स्थिरता बढ़ाता है और ताकत प्रदान करता है। इसे योग की आधारभूत मुद्रा माना जाता है। इस योगासन को करने के लिए घुटनों और हिप जॉइंट्स में मजबूती आती है, जिससे दैनिक जीवन में बेहतर संतुलन और स्थिरता मिलती है।
ऐसी मान्यता है कि सोमवार को भगवान शिव की आराधना करने से दुखों का नाश हो सकता है। ऐसे में इस दिन भगवान शिव की पूजा और मंत्रों का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से जातक के जीवन में खुशहाली बनी रह सकती है। साथ ही, प्रदोष काल में शिवलिंग के सामने देसी घी का दीपक भी अवश्य जलाएं। इससे भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त हो सकता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस उपाय को करने से आपको करियर की बाधाओं से भी राहत मिल सकती है।
माना जाता है कि शाम के वक्त माता लक्ष्मी का घर में आगमन होता है। ऐसे में मुख्य द्वार को हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। साथ ही, वहां सूर्यास्त के समय में प्रदोष काल में रोशनी करके रखनी चाहिए। इसके लिए अपने दरवाजे के पास दीपक अवश्य जलाएं। ऐसा करने से आसपास से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। साथ ही, इस उपाय को करने से देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त हो सकती है। गृह क्लेश से मुक्ति मिल सकती है और घर का माहौल खुशनुमा बना रहता है।
