ठंड के मौसम में रोज करें सिर-कान और पैरों की मालिश, मिलेंगे सेहत को चौंकाने वाले लाभ



 सर्दियों का मौसम चल रहा है इस मौसम में सेहत के साथ ही त्वचा पर भी खराब प्रभाव देखने के लिए मिलते है। सर्दियों के तापमान की वजह से त्वचा रूखी, बेजान होने लगती है। ठंडी हवाएं शरीर की नमी छीन लेती हैं, जिससे स्किन ड्राई हो जाती है। इसके लिए आप कई तरह के नुस्खे अपनाते है लेकिन काम नहीं आते है। आयुर्वेद में शरीर के हर अंग की मजबूती के लिए इलाज छिपा हुआ है। शरीर के अंगों की मजबूती के लिए अभ्यंग या तेल मालिश में छिपा है। आयुर्वेद बताता है कि सर्दियों में शरीर के तीन हिस्सों पर तेल जरूर लगाना चाहिए। इससे एक-दो नहीं कई लाभ मिलते हैं।

आयुर्वेद ने तेल मालिश को बताया जरूरी

आयुर्वेद या भारत सरकार का आयुष मंत्रालय के द्वारा अभ्यंग या तेल से मालिश करने को सबसे अच्छे आयुर्वेदिक उपाय के बारे में बताया गया है। इस उपाय के अनुसार , यह न सिर्फ त्वचा को नमी और कोमलता लौटाता है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन को भी सुधारता है। यहां पर आयुष मंत्रालय के अनुसार कहा गया है कि, सर्दियों में खास तौर पर तीन जगहों– सिर, कान और पैर पर जरूर ध्यान दें। ये हिस्से सर्दियों में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं और इन पर मालिश से विशेष लाभ मिलता है।

जानिए कौन सा तेल अभ्यंग के लिए बेहतर

शरीर की मजबूती के लिए अगर आप अभ्यंग या तेल मालिश करने की सोच रहे है तो सही और अच्छा तेल चुन सकते है। अभ्यंग के लिए तिल का तेल सबसे उत्तम होता है जो गर्म प्रकृति का होता है और सर्दी में शरीर को गर्माहट प्रदान करता है। इसके अलावा सरसों का तेल या नारियल तेल भी इस्तेमाल किया जा सकता है। तेल को हल्का गुनगुना करके पूरे शरीर पर मालिश करें।

इन तीन अंगों में करें तेल की मालिश

आप शरीर के इन तीन अंगों में तेल की मालिश कर सकते है जो फायदेमंद होता है।

  • सिर पर तेल मालिश करने से बाल मजबूत होते हैं। सिर दर्द दूर होता है और मन शांत रहता है। तिल के तेल से स्कैल्प की मालिश करने से डैंड्रफ और रूखेपन की समस्या कम होती है।
  • कान में थोड़ा तेल डालकर हल्की मालिश करने से कान की सफाई होती है, सुनने की क्षमता बेहतर रहती है और ठंड से होने वाली परेशानी जैसे कान दर्द से राहत मिलती है। साथ ही बेहतर नींद आती है और तनाव दूर करने में भी कारगर है।
  • पैरों की मालिश सबसे महत्वपूर्ण है। पैरों पर तेल लगाकर अच्छी तरह रगड़ें, क्योंकि पैरों में कई एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं। इससे पूरे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, थकान दूर होती है और नींद अच्छी आती है। सर्दियों में पैर फटने की समस्या भी इससे दूर रहती है।

जानिए कैसे करें अभ्यंग

एक्सपर्ट के अनुसार, सर्दियों में अभ्यंग लाभदायी होता है। यह आयुर्वेदिक तरीका सरल, सुरक्षित और घर पर ही किया जा सकता है। सुबह नहाने से पहले 10-15 मिनट अभ्यंग करें, फिर गुनगुने पानी से नहाएं। इससे शरीर तेल अच्छी तरह सोख लेता है। इसके अलावा अभ्यंग का अगर आप नियमित रूप से अभ्यास करते है तो त्वचा मुलायम और चमकदार बनी रहती है। यह शरीर को डिटॉक्स करता है। जोड़ों को लचीला बनाता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है।

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