केंद्रीय बजट 2026-27 ‘विकसित भारत’ का विज़न दस्तावेज़: अजय टम्टा



जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी संभागीय कार्यालय रानीताल में आयोजित पत्रकार वार्ता में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘विकसित भारत’ का विज़न पत्र करार दिया। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार प्रस्तुत यह बजट शताब्दी के दूसरे क्वार्टर की मजबूत नींव रखता है।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, जिला अध्यक्ष रत्नेश सोनकर सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। मंत्री टम्टा ने बजट की व्याख्या ‘GYAN’—गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति—के माध्यम से करते हुए कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग के सशक्तिकरण को समर्पित है। 2014 के बाद हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार है, जिसकी मुख्य इंजन नारी शक्ति है।

मध्यम वर्ग को राहत, युवाओं को अवसर

मंत्री टम्टा ने बताया कि मध्यम वर्ग के लिए स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती करने के उद्देश्य से कैंसर की 17 जीवनरक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क घटाया गया है। विदेश यात्रा और शिक्षा पर TCS को 5% से घटाकर 2% किया गया है। युवाओं के कौशल विकास के लिए 500 महाविद्यालयों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होंगी। एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सेवा क्षेत्र में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी 2047 तक 10% करने के लक्ष्य से एक उच्चाधिकार प्राप्त समिति के गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है।

नारी शक्ति और कृषि पर फोकस

महिला सशक्तिकरण के तहत हर जिले में महिला छात्रावासों के लिए 10,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ‘लखपति दीदी’ योजना से महिलाओं को उद्यमी बनाने और एमएसएमई क्षेत्र में महिला उद्यमियों को टर्म लोन उपलब्ध कराने की पहल की गई है। कृषि क्षेत्र में ‘भारत-विस्तार’ एआई टूल और पशुपालन के लिए ‘पूंजी सब्सिडी योजना’ की घोषणा हुई है। 2030 तक भारतीय काजू और कोको को वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य रखा गया है, वहीं जल संरक्षण के लिए 500 जलाशयों को मत्स्य पालन से जोड़ा जाएगा।

जबलपुर का इंफ्रास्ट्रक्चर होगा और मज़बूत

केंद्रीय मंत्री ने जबलपुर के लिए अहम परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि 3,500 करोड़ रुपये की लागत से 114 किमी लंबी जबलपुर रिंग रोड का निर्माण पांच पैकेजों में किया जा रहा है, जिसे अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। जबलपुर–भोपाल ग्रीनफील्ड मार्ग से दोनों शहरों के बीच यात्रा समय घटकर करीब तीन घंटे रह जाएगा, जबकि लखनादौन–रायपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर से रायपुर की दूरी लगभग 3.5 घंटे में तय होगी। इसके अलावा जबलपुर–दमोह और जबलपुर–मंडला–चिल्पी मार्गों के सुदृढ़ीकरण की डीपीआर पर काम जारी है, जिससे जिले की कनेक्टिविटी को वैश्विक मानकों तक पहुंचाया जाएगा।

Post a Comment

Previous Post Next Post