मंदसौर में पटवारी 30 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

 



उज्जैन लोकायुक्त की कार्रवाई, नामांतरण के बदले मांगी थी 40 हजार की घूस

मंदसौर। मध्यप्रदेश में रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आए दिन कोई न कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी घूस लेते हुए लोकायुक्त के शिकंजे में फंस रहा है। ताजा मामला मंदसौर जिले से सामने आया है, जहां उज्जैन लोकायुक्त टीम ने एक पटवारी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम धलपत, तहसील सुवासरा निवासी दिनेश चंद्र जोशी ने उज्जैन लोकायुक्त से शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई स्वर्गीय भगवती प्रसाद की कोई संतान नहीं थी। उन्होंने दिनेश के पुत्र आनंद जोशी को विधिवत गोद लेकर दत्तक पुत्र बनाया था।

भाई भगवती प्रसाद के नाम दर्ज कृषि भूमि का नामांतरण दत्तक पुत्र आनंद जोशी के नाम कराने के लिए जब दिनेश जोशी हल्का पटवारी हरीश पाटीदार से मिले, तो पटवारी ने इस कार्य के बदले 40 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।

शिकायत का सत्यापन, फिर जाल बिछाकर कार्रवाई

लोकायुक्त उज्जैन ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद बुधवार 18 फरवरी को योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए टीम ने तहसील कार्यालय सुवासरा में आवेदक से 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पटवारी हरीश पाटीदार को रंगे हाथों पकड़ लिया।

आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

लगातार बढ़ रहे घूसखोरी के मामले

प्रदेश में राजस्व विभाग से जुड़े मामलों में रिश्वतखोरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। नामांतरण, सीमांकन और भूमि संबंधी अन्य कार्यों में अवैध वसूली आम नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।

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