प्रस्तावित फ्लाईओवर के निर्माण से गढ़ा, त्रिपुरी चौक और मेडिकल क्षेत्र के रहवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। खासतौर पर मरीजों, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य इमरजेंसी सेवाओं को जाम में फंसने से मुक्ति मिलेगी। फ्लाईओवर के बन जाने के बाद यह जबलपुर शहर का सातवां फ्लाईओवर होगा।
ऐसा हो सकता है फ्लाईओवर का स्वरूप
जानकारी के अनुसार, फ्लाईओवर का एक रैंप आईसीएमआर के सामने और दूसरा सूपाताल क्षेत्र में उतारे जाने की संभावना है। इसके अलावा संजीवनी नगर और धनवंतरी नगर चौराहा की ओर साइड रैंप बनाने की भी योजना है। इससे मेडिकल मार्ग पर यातायात का दबाव काफी कम होगा और डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ व मेडिकल छात्रों को सुगम आवागमन मिल सकेगा।
40 से अधिक कॉलोनियों को मिलेगी राहत
वर्तमान में त्रिपुरी चौक से पंडा की मढ़िया, इमरती तालाब और गंगा नगर तिराहा तक रोजाना जाम की स्थिति बनी रहती है। इस मार्ग से गुजरने वाली 40 से अधिक कॉलोनियों के रहवासी लंबे समय से ट्रैफिक अव्यवस्था से परेशान हैं। प्रस्तावित फ्लाईओवर से इन इलाकों में आवागमन तेज और सुरक्षित होने की उम्मीद है।
शहर में फ्लाईओवर परियोजनाओं की स्थिति
जबलपुर में मदनमहल–दमोहनाका और कटंगा फ्लाईओवर चालू हो चुके हैं, जबकि सगड़ा फ्लाईओवर निर्माणाधीन है। पेंटीनाका फ्लाईओवर का काम रक्षा विभाग से एनओसी मिलने के बाद शुरू होगा। बंदरिया तिराहा ईं मंदिर फ्लाईओवर को स्वीकृति मिल चुकी है, वहीं विजयनगर–धनवंतरी नगर फ्लाईओवर बजट मंजूरी का इंतजार कर रहा है।
इसके अलावा रेलवे पुल नंबर-2 से रद्दी चौकी तक फ्लाईओवर का प्राकलन तैयार किया जा रहा है और आईएसबीटी से आईटीआई फ्लाईओवर परियोजना भी पाइपलाइन में है, जिसके लिए केंद्रीय रिजर्व निधि से फंड प्रस्तावित किया गया है।
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