
नई दिल्ली । सीबीएसई 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गईं, जिसमें 43.67 लाख से अधिक छात्र शामिल हो रहे हैं। कक्षा 10वीं के लिए पहली परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। बोर्ड ने प्रश्नपत्रों की गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की है। 2026 से 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन होगा, जिसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सीबीएसई की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से देशभर में शुरू हो गई हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अनुसार इस वर्ष कुल 43,67,870 परीक्षार्थी इन दोनों कक्षाओं की परीक्षा में शामिल होंगे। इसमें कक्षा 10वीं में 25,08,319 और कक्षा 12वीं में 18,59,551 छात्र परीक्षा देंगे। कक्षा 10वीं में 14,08,546 छात्र और 10,99,773 छात्राएं परीक्षा में बैठेंगी। वहीं, 12वीं में 10,27,552 छात्र और 8,31,999 छात्राएं शामिल होंगी। इस बार कक्षा 10वीं की परीक्षा 83 विषयों में और 12वीं की परीक्षा 120 विषयों में आयोजित की जाएगी। देशभर में 10वीं के लिए 8,075 और 12वीं के लिए 7,574 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 10वीं के सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है। परीक्षा में कम से कम तीन विषयों में उपस्थित नहीं होने वाले छात्रों को अनिवार्य पुनरावृत्ति श्रेणी में रखा जाएगा और वे केवल अगले वर्ष फरवरी में आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा में ही शामिल हो पाएंगे।