जबलपुर में यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्ती, पांच से अधिक लंबित ई-चालान पर लाइसेंस निरस्तीकरण की तैयारी

 


जबलपुर। संस्कारधानी की यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने अब कड़ा रुख अपना लिया है। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया कि यातायात नियमों की बार-बार अनदेखी करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

पांच से अधिक लंबित ई-चालान पर होगी कार्रवाई

नई व्यवस्था के तहत जिन वाहन चालकों के नाम पर पांच से अधिक बार ई-चालान जारी हो चुके हैं और जिन्होंने अब तक राशि का भुगतान नहीं किया है, उनके ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
स्मार्ट सिटी और यातायात पुलिस द्वारा ऐसे उल्लंघनकर्ताओं की सूची तैयार की जा रही है, ताकि उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कदम उठाए जा सकें।

प्रशासन ने ई-चालान वसूली को प्रभावी बनाने के लिए परिवहन विभाग को विशेष प्रस्ताव भेजने का निर्णय भी लिया है। प्रस्ताव के अनुसार, वाहन के पंजीयन और बीमा का नवीनीकरण तभी संभव होगा जब वाहन स्वामी अपने सभी लंबित ई-चालानों का भुगतान कर देगा।

इन चौराहों पर विशेष नजर

शहर में संचालित इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से प्रमुख चौराहों—तीन पत्ती, शास्त्री ब्रिज, नागरथ चौक, गोहलपुर, लेबर चौक, बंदरिया तिराहा, तैय्यब अली और अधारताल—पर रेड लाइट उल्लंघन, बिना हेलमेट वाहन चलाना और ट्रिपल राइडिंग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

विशेष रूप से शहर के प्रवेश और निकास मार्गों पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर तत्काल ई-चालान जारी किया जाएगा।

जाम से निपटने के लिए मल्टीलेवल पार्किंग पर जोर

शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों में जाम की समस्या से निपटने के लिए मल्टीलेवल कार पार्किंग के उपयोग को अनिवार्य बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। भंवरताल, सिविक सेंटर और मानस भवन स्थित मल्टीलेवल पार्किंग के 300 मीटर के दायरे को नो-पार्किंग जोन घोषित किया गया है।

यदि कोई भी वाहन मालिक इस परिधि में सड़क किनारे अवैध पार्किंग करता पाया गया तो यातायात पुलिस द्वारा वाहन को तत्काल जब्त किया जाएगा। टायर लॉक सिस्टम भी लागू किया जाएगा। जब्त वाहन को टोइंग शुल्क और चालान राशि जमा करने के बाद ही छोड़ा जाएगा।

बैठक में पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ आगामी 10 दिनों के भीतर इन व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए।

बैठक में नगर निगम कमिश्नर राम प्रकाश अहिरवार, स्मार्ट सिटी सीईओ अनुराग सिंह, एएसपी ट्रैफिक सुश्री अंजना तिवारी, डीएसपी ट्रैफिक संतोष शुक्ला सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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