जबलपुर।बोर्ड परीक्षाओं के आगाज़ से ठीक पहले साइबर अपराधियों ने छात्रों और उनके अभिभावकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र लीक होने के झूठे दावे कर ठगों के गिरोह सक्रिय हो गए हैं। साइबर क्राइम सेल ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पेपर पूरी तरह फर्जी हैं।
जानकारी के मुताबिक, ठग टेलीग्राम, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर ग्रुप बनाकर पक्का प्रश्नपत्र और 100 प्रतिशत सही उत्तर देने का लालच दे रहे हैं। शुरुआत में बेहद कम रकम मांगकर छात्रों का भरोसा जीता जाता है, फिर धीरे-धीरे उनसे बड़ी राशि ऐंठ ली जाती है। पैसा मिलते ही या तो फर्जी फाइल भेज दी जाती है या ठग संपर्क तोड़कर गायब हो जाते हैं।
परीक्षा के डर का उठा रहे फायदा
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा के समय छात्र मानसिक दबाव में रहते हैं और इसी कमजोरी का फायदा अपराधी उठाते हैं। हकीकत यह है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले करीब 90 प्रतिशत पेपर पुराने वर्षों के प्रश्नपत्र या अनुमानित सवाल होते हैं। बोर्ड परीक्षा की प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय होती है और प्रश्नपत्र केवल परीक्षा केंद्र पर ही खोले जाते हैं, ऐसे में सोशल मीडिया पर असली पेपर मिलना असंभव है।
साइबर सेल की एडवाइजरी
साइबर क्राइम सेल ने छात्रों और अभिभावकों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि किसी भी अनजान नंबर या लिंक से आए मैसेज पर भरोसा न करें और न ही किसी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान करें। परीक्षा से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट या स्कूल प्रशासन से ही प्राप्त करें। यदि किसी को संदिग्ध मैसेज या कॉल मिले, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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