जबलपुर में डॉ. हेमलता श्रीवास्तव के बंगले में नगर निगम ने खोला स्वास्थ्य कार्यालय



 जबलपुर। एमपी के जबलपुर में राइट टाउन स्थित स्वर्गीय डाक्टर हेमलता श्रीवास्तव के 50 करोड़ रुपए के बंगले में आज सुबह नगर निगम ने कानूनी रुप से कब्जा कर स्वास्थ्य कार्यालय खोल दिया। नगर निगम कमिश्नर राम प्रकाश अहिरवार की मौजूदगी में जबलपुर नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और पूरी प्रॉपर्टी को अपने अधीन ले लिया। इस प्रॉपर्टी पर स्वास्थ्य शाखा का वार्ड कार्यालय खोल दिया गया है।

नगर निगम कमिश्नर का कहना है कि पूरी संपत्ति लीज पर दी गई थी। लेकिन लीज की शर्तों का उल्लंघन पाया गया है। इसी आधार पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संपत्ति पर कब्जा लिया है। निगम की टीम सुबह डॉ श्रीवास्तव के बंगले पहुंची और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए परिसर को अपने नियंत्रण में ले लिया।

अधिकारियों के अनुसार अब इस संपत्ति की निगरानी नगर निगम द्वारा की जाएगी और बिना अनुमति किसी भी प्रकार की गतिविधि या प्रवेश पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि यह करीब 25000 स्क्वायर फीट की जमीन हैए जिसे नगर निगम ने लीज पर दिया था। मामले में लीज शर्तों का उल्लंघन किया गया है।

डॉ हेमलता श्रीवास्तव को रेजिडेंशियल उद्देश्य से यह जमीन दी गई थी। लेकिन यहां पर कमर्शियल उपयोग किया जा रहा था। इस जमीन पर दुकान खोल दी गई थीए जो कि सीधे.सीधे प्रशासन के आदेश की अवहेलना भी है। निगम कमिश्नर ने बताया कि आदेश में लिखा हुआ था कि यह प्रॉपर्टी किसी को हस्तांतरित भी नहीं की जा सकती है। इसके बावजूद इस प्रॉपर्टी पर कई लोगों ने अपना दावा किया था। निगम कमिश्नर ने बताया कि लीज पर ली प्रॉपर्टी का हर साल रेंट भी देना जरूरी होता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

डॉ जैन ने लिखवा लिया था दान पत्र-

डॉ हेमलता श्रीवास्तव जिला अस्पताल में पदस्थ थीं। शहर की जानी-मानी नेत्र रोग विशेषज्ञ थीं। उनके पति महेश श्रीवास्तव का साल 2025 में देहांत हो गया था। वह एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से रिटायर्ड हुए थे। इससे पहले उनके बेटे रचित श्रीवास्तव का साल 2022 में देहांत हो चुका है। पति और बेटे की मौत के बाद इस बंगले में डॉ हेमलता श्रीवास्तव नौकरों के साथ रह रही थीं।

डॉ सुमित जैन और डॉ प्राची जैन ने 25000 स्क्वायर फीट जमीन में से 11000 स्क्वायर फीट की जमीन अपने नाम पर दान पत्र के माध्यम से करवा ली थी। इसके अलावा गायत्री मंदिर ट्रस्ट ने भी इस पूरी प्रॉपर्टी पर दावा करते हुए बताया था कि डॉ हेमलता श्रीवास्तव ने अपनी मर्जी से गायत्री ट्रस्ट को यह जमीन दे दी है। जिसका आईएमए ने विरोध भी किया था।

कमरों में रखे सामान की कराई वीडियोग्राफी-

नगर निगम ने डॉ हेमलता श्रीवास्तव की संपत्ति पर कब्जा करते हुए उनके कमरे में रखे सामान की पहले तो वीडियो ग्राफी करवाई और उसके बाद फिर घर के बाहर लगा डॉ श्रीवास्तव का बोर्ड तोड़ा। बंगले के पीछे डॉ श्रीवास्तव के नौकर भी रहा करते थे उन्हें की हटा दिया गया है।

गायत्री परिवार ने प्रापर्टी पर किया था दावा-

डॉ हेमलता श्रीवास्तव की बहन कनकलता मिश्रा ने पूरी प्रॉपर्टी गायत्री मंदिर ट्रस्ट को दान करने की बात कही थी। उन्होंने बताया था कि दीदी ने हां भी भर दी थी। इसके बाद से गायत्री मंदिर के सदस्य लगातार डॉ श्रीवास्तव के संपर्क में थे। जबकि उनकी दूसरी बहन शांति तिवारी ने डॉ सुमित जैन और डॉ प्राची जैन को प्रॉपर्टी देने की बात कही थी।

डॉ सुमित जैन ने तो डॉ श्रीवास्तव की प्रॉपर्टी पर बोर्ड भी लगा दिया था। इसमें बताया गया था कि यहां पर उनके पति और बेटे के नाम पर मेमोरियल अस्पताल खोला जा रहा है।

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