इंदौर के चर्चित अक्षय शर्मा हत्याकांड के तीन मुख्य आरोपी राइट टाउन से दबोचे गए
जबलपुर। इंदौर के बहुचर्चित अक्षय शर्मा हत्याकांड में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश आखिरकार जबलपुर में खत्म हुई। जबलपुर पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जो एक भाजपा नेत्री के घर में छिपकर फरारी काट रहे थे। इस कार्रवाई के बाद शहर में हड़कंप मच गया है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शशिकांत शर्मा, रवि और गौरव के रूप में हुई है। इन पर 2-2 हजार रुपये का इनाम घोषित था। तीनों आरोपी राइट टाउन स्थित आदि एन्क्लेव में एक भाजपा नेत्री के घर और आसपास ठिकाना बनाए हुए थे।
भाजपा नेत्री के घर दबिश, तीनों आरोपी गिरफ्तार
इंदौर पुलिस से मिली गोपनीय सूचना के आधार पर जबलपुर पुलिस ने शहरभर में सघन तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान सूचना मिली कि मुख्य आरोपी शशिकांत शर्मा अपनी सास, जो खुद को भाजपा नेत्री बताती हैं, के घर में छिपा हुआ है।
कोतवाली सीएसपी रितेश कुमार शिव और लार्डगंज थाना प्रभारी नवल आर्य के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तुरंत दबिश दी और शशिकांत को हिरासत में लिया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर उसके दो अन्य साथी रवि और गौरव को भी पास के ठिकाने से गिरफ्तार कर लिया गया।
तीनों आरोपियों को आवश्यक कार्रवाई के बाद इंदौर पुलिस को सौंप दिया गया है।
जमीन विवाद में रची गई खौफनाक साजिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक अक्षय शर्मा और आरोपी पक्ष के बीच पुश्तैनी जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी रंजिश ने बाद में खूनी रूप ले लिया।
बताया जा रहा है कि 17 जनवरी 2026 को आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से अक्षय का अपहरण किया और उसे इंदौर से दूर ले जाकर बंधक बनाया। गंभीर रूप से घायल हालत में उसे 18 जनवरी को बाणगंगा थाना क्षेत्र के पास फेंक दिया गया था। इलाज के दौरान 22 जनवरी को उसकी मौत हो गई।
कई आरोपी अब भी फरार, पुलिस तलाश में जुटी
इस मामले में बाणगंगा थाना पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ हत्या और अपहरण का मामला दर्ज किया है। कुछ आरोपियों की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।
