जबलपुर-मंडला रोड पर बढ़ते हादसे: प्रशासन ने ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने शुरू किए निरीक्षण



जबलपुर। शहर से मंडला की ओर जाने वाले व्यस्त मार्ग पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने अब प्रशासन को सक्रिय कर दिया है। जबलपुर-मंडला रोड पर बढ़ते हादसों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अमला ब्लैक स्पॉट चिन्हित करने के लिए जमीनी स्तर पर उतर आया है।

मुख्य रूप से घनी आबादी वाले क्षेत्र गोराबाजार, बिलहरी और तिलहरी में तेज रफ्तार वाहनों के कारण आमजन लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए कैंट बोर्ड, सैन्य और पुलिस विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पूरे मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय नागरिक भी निरीक्षण दल के साथ मौजूद रहे और अपनी समस्याएं साझा कीं।

निरीक्षण के दौरान सबसे पहले गोराबाजार तिराहे पर ध्यान केंद्रित किया गया, जहां यातायात का अत्यधिक दबाव दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहा है। पाया गया कि जबलपुर से मंडला की ओर जाने वाले तेज रफ्तार वाहन अक्सर गोराबाजार बस्ती से निकलने वाले दुपहिया चालकों को चपेट में ले लेते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए यहां स्पीड ब्रेकर और ट्रैफिक सिग्नल लगाने का प्रस्ताव सामने आया है।

वहीं बिलहरी स्थित शारदा मंदिर मोड़ और छोटे हनुमान मंदिर के सामने भी कई हादसे सामने आ चुके हैं, जहां अनियंत्रित वाहन दुकानों में घुस जाते हैं। इसके अलावा मार्ग में कई स्थानों पर डिवाइडर खुले होने से अचानक दूसरी ओर से वाहन आ जाने की स्थिति बनती है, जो दुर्घटनाओं को आमंत्रण देती है।

इन खतरनाक बिंदुओं को चिन्हित करते हुए निरीक्षण दल ने डिवाइडर निर्माण और अतिरिक्त स्पीड ब्रेकर लगाने का निर्णय लिया है, ताकि दुर्घटनाओं पर नियंत्रण पाया जा सके।

निरीक्षण दल में कैंट बोर्ड इंजीनियरिंग विभाग से अनुराग आचार्य, अन्याक्रांति दल प्रभारी नितेश पटेरिया, सीएसपी कैंट, गोराबाजार थाना प्रभारी सहित कांग्रेस नेता पवन कनौजिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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