खरगोन। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कसरावद थाने में पदस्थ कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
लोकायुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर प्रदेशभर में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
किसान की शिकायत पर हुआ ट्रैप
ग्राम चंदावड, तहसील भगवानपुरा निवासी 69 वर्षीय किसान श्यामलाल उपाध्याय ने लोकायुक्त कार्यालय इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि कसरावद निवासी राजेश बागदरे द्वारा उनके खिलाफ जान से मारने की धमकी की शिकायत दर्ज कराई गई थी।
आरोप है कि इस मामले में राहत देने और शिकायत के निराकरण के नाम पर कसरावद थाने में पदस्थ कार्यवाहक एएसआई रवीन्द्र कुमार गुरू ने किसान से 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
बस स्टैंड पर फिल्मी अंदाज़ में गिरफ्तारी
शिकायत मिलने पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में टीम ने पहले मामले का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद 27 मार्च 2026 को विशेष टीम गठित कर योजना बनाई गई।
योजना के तहत जब आरोपी एएसआई कसरावद बस स्टैंड पर आवेदक से 7 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था, तभी लोकायुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी के पास से रिश्वत की राशि भी बरामद कर ली गई।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस ट्रैप कार्रवाई में निरीक्षक सचिन पटेरिया, आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, विवेक मिश्रा सहित आरक्षक विजय कुमार, शिवप्रकाश पाराशर और आशीष नायडू की अहम भूमिका रही।
