सुखसागर वैली में एक करोड़ की चोरी का खुलासा अब भी दूर, महीनों बाद भी पुलिस के हाथ खाली




जबलपुर। ग्वारीघाट थाना क्षेत्र के सुखसागर वैली पोलीपाथर में 23 जनवरी को हुई एक करोड़ रुपये से अधिक की सनसनीखेज चोरी की वारदात को सुलझाना अब पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। घटना को कई महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब तक कोई ठोस सुराग नहीं लग पाया है।

पुलिस द्वारा 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली है। मामले में क्राइम ब्रांच, थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम भी जांच में जुटी हुई है, लेकिन अब तक ऐसा कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल पाया है जिसके आधार पर आरोपियों को पकड़ा जा सके।

जानकारी के अनुसार, सागर वर्मा (38) निवासी सुखसागर वैली पोलीपाथर ने ग्वारीघाट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह ट्रांसपोर्ट का काम करता है। उसकी मां की तबीयत खराब होने के कारण उन्हें जबलपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 23 जनवरी को वह अपनी पत्नी के साथ अस्पताल गए थे और घर के मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर गए थे।

जब वह वापस लौटे तो घर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा तो दोनों बेडरूम की अलमारियों के ताले टूटे हुए थे और सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी में रखा करीब 70 तोला सोना, 1 किलो चांदी और 6 लाख रुपये नकद गायब थे।

पड़ोसी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में चार नकाबपोश संदिग्ध कैद हुए थे। पुलिस ने इसी आधार पर आसपास के कई सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और संदिग्धों को ट्रेस करने की कोशिश की, लेकिन अब तक कोई ठोस सफलता नहीं मिल सकी है।

बताया जा रहा है कि घटनास्थल से लिए गए फिंगरप्रिंट से भी पुलिस को कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला है। ऐसे में महीनों बाद भी इस हाई-प्रोफाइल चोरी का खुलासा न होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल पुलिस सिर्फ हवा में लट्ठ घुमा रही है, जबकि आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।

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