जबलपुर। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में ओपीडी काउंटर से होने वाली नकद वसूली में करीब 66 लाख रुपये के भारी वित्तीय नुकसान का मामला सामने आने के बाद पूरे संस्थान में हड़कंप मच गया है। मेडिकल कॉलेज के वर्तमान डीन प्रो. डॉ. नवनीत सक्सेना के अनुसार, इस कथित घोटाले की जांच के लिए गठित विशेष समिति अपनी अंतिम रिपोर्ट इसी सप्ताह सौंपने जा रही है।
जांच वर्ष 2021 से 2025 के बीच हुए वित्तीय लेन-देन पर केंद्रित है। अस्पताल प्रशासन रोजाना ओपीडी काउंटर से मिलने वाले कैश और बैंक खातों में जमा राशि के बीच पाए गए बड़े अंतर को बेहद गंभीरता से देख रहा है।
कैश और डिजिटल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच
विशेष जांच समिति ओपीडी काउंटर के दस्तावेजों, बैंक खातों और दैनिक एंट्री रिकॉर्ड का गहन मिलान कर रही है। पिछले पांच वर्षों के वाउचर, रसीदें और कंप्यूटर डेटा को खंगाला जा रहा है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किस तारीख और किस अवधि में सरकारी खजाने को कितना नुकसान पहुंचाया गया।
सूत्रों के अनुसार, समिति हर उस कर्मचारी और अधिकारी की भूमिका खंगाल रही है जो वित्तीय प्रक्रिया से जुड़ा रहा है।
पूर्व डीन और कर्मचारी भी जांच के घेरे में
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जो राशि नियमानुसार सीधे बैंक खाते में जमा होनी चाहिए थी, उसे कथित मिलीभगत के जरिए गायब किया गया। मामले की आंच अब केवल काउंटर कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि उस दौरान पदस्थ रहे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों तक भी पहुंच रही है।
पर्ची काउंटर पर तैनात लगभग आधा दर्जन कर्मचारियों के अलावा, पिछले पांच वर्षों में कॉलेज का प्रभार संभाल चुके पूर्व डीन और अकाउंट सेक्शन के अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यही वजह है कि सेवानिवृत्त अधिकारी भी इस जांच प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।
मुख्यालय भेजी जाएगी रिपोर्ट, FIR की तैयारी
स्पेशल कमेटी की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और रिपोर्ट का फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। यह रिपोर्ट डीन के समक्ष पेश किए जाने के बाद राज्य चिकित्सा शिक्षा मुख्यालय भेजी जाएगी।
सूत्रों का कहना है कि मुख्यालय से मंजूरी मिलते ही चिह्नित दोषियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है। साथ ही, गबन की गई पूरी 66 लाख रुपये की राशि दोषियों के वेतन या निजी संपत्तियों को कुर्क कर वसूलने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
