जबलपुर। शहर के कृष्णा विहार इलाके में 27 वर्षीय युवक अखिलेश लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती तौर पर मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, लेकिन परिजनों ने इस थ्योरी को सिरे से खारिज करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिवार का कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियां कई गंभीर संदेह पैदा कर रही हैं, जिनकी निष्पक्ष और गहराई से जांच जरूरी है।
मृतक के बड़े भाई आकाश लोधी के अनुसार, जब उन्हें घटना की सूचना मिली और वे मौके पर पहुंचे, तो अखिलेश का शव कमरे में सोफे पर पड़ा हुआ था। परिजनों का दावा है कि जिस गमछे से फांसी लगाने की बात कही जा रही है, वह फर्श पर पड़ा मिला। इतना ही नहीं, कमरे का दरवाजा भी अंदर से बंद नहीं था। आकाश का कहना है कि दरवाजा हल्का धक्का देते ही खुल गया, जिससे आत्महत्या की कहानी पर सवाल खड़े हो गए।
परिजनों ने मृतक के रूममेट सिद्धार्थ पटेल पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद सिद्धार्थ ने अखिलेश के फिंगरप्रिंट का इस्तेमाल कर उसका मोबाइल फोन अनलॉक किया और फिर कुछ लोगों को कॉल कर घटना की जानकारी दी। परिवार का आरोप है कि पूरे घटनाक्रम में कई ऐसी बातें हैं, जो सामान्य नहीं लगतीं और पुलिस को हर पहलू की बारीकी से जांच करनी चाहिए।
आकाश लोधी ने मांग की है कि पुलिस केवल एक पक्ष के बयान के आधार पर किसी निष्कर्ष पर न पहुंचे, बल्कि घटनास्थल से मिले सबूतों, मोबाइल कॉल डिटेल, फॉरेंसिक रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य तथ्यों को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच करे।
फिलहाल पुलिस ने मामले को जांच में लिया है और सभी पहलुओं पर पड़ताल किए जाने की बात कही है। वहीं अखिलेश की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और परिजन न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
