“बुलेट हटाने को कहा… और निकल आया चाकू” : जबलपुर में मामूली बात पर नगर निगम कर्मी पर जानलेवा हमला

 


जबलपुर। शहर में छोटी-छोटी बातों पर हिंसा और चाकूबाजी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। हालात ऐसे हो गए हैं कि मामूली कहासुनी भी अब सीधे खूनी हमले में बदलने लगी है। ताजा मामला हनुमानताल थाना क्षेत्र का है, जहां सिर्फ रास्ते में खड़ी बुलेट हटाने की बात कहना एक नगर निगम कर्मी को भारी पड़ गया। आरोप है कि कुछ युवकों ने पहले गाली-गलौज की, फिर मारपीट करते हुए चाकू से हमला कर युवक को लहूलुहान कर दिया।

पुलिस के अनुसार राजीवनगर (मोहरिया, राजाबाबा की कुटी) निवासी 26 वर्षीय मोहम्मद दिलशाद ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। दिलशाद नगर निगम में प्राइवेट काम करता है।

पीड़ित ने बताया कि देर रात करीब 12:30 बजे वह अपने दोस्त मोहम्मद कलीम और मोहम्मद शानू के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। रास्ते में गली नंबर 1 स्थित मोहरिया कैफे के सामने वे गुटखा लेने के लिए रुके। इसी दौरान वहां मोहम्मद हसन अपने दो साथियों के साथ पहुंचा और अपनी बुलेट गाड़ी दिलशाद की बाइक के ठीक सामने अड़ाकर खड़ी कर दी।

दिलशाद ने जब शालीनता से बुलेट हटाने की बात कही, तो आरोपी भड़क गए। देखते ही देखते विवाद गाली-गलौज और हाथापाई में बदल गया। आरोप है कि इसी दौरान मोहम्मद हसन ने अपने पास रखा धारदार चाकू निकाल लिया और दिलशाद पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में दिलशाद की बाईं भुजा और पैर में गंभीर चोटें आईं।

वारदात के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घायल हालत में दिलशाद को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

हनुमानताल थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी मोहम्मद हसन और उसके दो साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2), 118(1), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शहर में लगातार बढ़ रही चाकूबाजी की घटनाएं अब कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रही हैं। मामूली विवादों में हथियार निकलना इस बात का संकेत है कि अपराधियों में कानून का डर लगातार कम होता जा रहा है।

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