जबलपुर। गोहलपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने संदेह के आधार पर एक पिकअप वाहन को रोककर उसकी जांच की। वाहन में बड़ी मात्रा में पशु अवशेष और हड्डियां भरी हुई थीं। कार्यकर्ताओं ने आशंका जताई कि वाहन में गौवंश के अवशेष ले जाए जा रहे हैं, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही गोहलपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पिकअप वाहन को अपने कब्जे में लेकर चालक से पूछताछ शुरू कर दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अवशेषों के नमूने एकत्र कर विशेषज्ञ जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अवशेष किस पशु के हैं और उसके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
चालक ने बताया भेड़ाघाट स्थित फैक्ट्री ले जा रहा था सामग्री
प्रारंभिक पूछताछ में वाहन चालक ने पुलिस को बताया कि वह पशु हड्डियों और अवशेषों को भेड़ाघाट स्थित नर्मदा जिलेटिन फैक्ट्री लेकर जा रहा था। चालक के अनुसार फैक्ट्री में मृत पशुओं की हड्डियों का उपयोग औद्योगिक कार्यों में किया जाता है।
हालांकि मामले में नया मोड़ तब आया जब नर्मदा जिलेटिन फैक्ट्री प्रबंधन ने इस खेप से किसी भी प्रकार का संबंध होने से इनकार कर दिया। फैक्ट्री प्रबंधन का कहना है कि उन्हें इस वाहन या उसमें लदी सामग्री के संबंध में कोई जानकारी नहीं है और उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है।
विरोधाभासी बयानों से बढ़ी जांच की आवश्यकता
चालक और फैक्ट्री प्रबंधन के बयानों में विरोधाभास सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है तथा वाहन मालिक, चालक और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।
रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि जब्त किए गए नमूनों की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि सामने आती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
