भिण्ड। मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले तीन ग्राम पंचायत सचिवों पर जिला पंचायत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। योजनाओं में बेहद कमजोर प्रगति और हितग्राहियों को समय पर लाभ नहीं मिलने के कारण तीन पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरसिंह चौहान द्वारा जारी आदेश के अनुसार समग्र ई-केवायसी, संबल-कर्मकार पंजीयन, जननी प्रसव योजना तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में संतोषजनक प्रगति नहीं पाए जाने पर यह कार्रवाई की गई है।
निलंबित किए गए सचिवों में लहार जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत टोला के सचिव लखनलाल झा, भिण्ड जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत स्योड़ा (मूल पंचायत भौनपुरा) के सचिव रामनिवास भदौरिया तथा रौन जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मूरतपुरा के सचिव राजेश सिंह शामिल हैं।
प्रशासनिक समीक्षा के दौरान पाया गया कि संबंधित पंचायतों में समग्र पोर्टल पर हितग्राहियों की ई-केवायसी, जननी प्रसव योजना के लाभार्थियों का सत्यापन, संबल एवं कर्मकार पंजीयन तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत पंजीयन कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। इसके चलते पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलने में देरी हो रही थी।
जिला पंचायत प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तीनों सचिवों को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारियों का मुख्यालय उनके जनपद पंचायत कार्यालय निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी वीरसिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना पंचायत अमले की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
