बस किराया नहीं बढ़ा तो प्रदेशभर में हड़ताल! सरकार से आर-पार के मूड में बस संचालक



भोपाल। मध्य प्रदेश में बस किराया बढ़ाने को लेकर बस संचालकों और सरकार के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स और अन्य वाहन संचालन लागत में लगातार हो रही बढ़ोतरी से परेशान बस ऑपरेटरों ने किराया संशोधन की मांग तेज कर दी है। इसी मुद्दे पर मंगलवार शाम बस मालिकों के प्रतिनिधि मंडल की परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है।

बस संचालकों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो प्रदेशव्यापी बस हड़ताल का ऐलान किया जा सकता है। ऐसे में लाखों यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

बढ़ती लागत से संकट में परिवहन व्यवसाय

बस ऑपरेटरों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स और वाहन रखरखाव की लागत में लगातार वृद्धि हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर परिवहन क्षेत्र पर पड़ रहा है, जिससे बसों का संचालन पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है।

संचालकों के अनुसार केवल मई माह में ही डीजल के दाम कई बार बढ़े हैं, जबकि बस किराए में लंबे समय से कोई संशोधन नहीं किया गया। इसके चलते परिवहन व्यवसाय घाटे की स्थिति में पहुंच गया है और कई संचालकों के लिए बसों का संचालन करना चुनौती बन गया है।

तीन साल से लंबित है किराया संशोधन

बस मालिकों का कहना है कि वे पिछले तीन वर्षों से किराया बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। उनका दावा है कि आखिरी बार वर्ष 2021 में बस किराया निर्धारित किया गया था। इसके बाद महंगाई और संचालन लागत में भारी बढ़ोतरी हुई, लेकिन किराया दरें लगभग यथावत बनी हुई हैं।

संचालकों का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में पुराने किराए पर बसों का संचालन आर्थिक रूप से संभव नहीं रह गया है। इसलिए किराया संशोधन समय की मांग बन चुका है।

आज की बैठक पर टिकी सबकी नजर

परिवहन मंत्री के साथ होने वाली बैठक को लेकर बस संचालकों और यात्रियों दोनों की नजरें टिकी हुई हैं। यदि बैठक में कोई सहमति नहीं बनती है, तो प्रदेशभर में बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। वहीं सरकार पर भी यात्रियों की सुविधा और परिवहन व्यवसाय की आर्थिक चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने का दबाव रहेगा।


Post a Comment

Previous Post Next Post