सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। बडोल थाना क्षेत्र के दुकली गांव में नए बने कुएं की तराई के दौरान उसकी सीमेंट रिंग और दीवार अचानक धंस गई, जिससे नानी, मां और बेटी मलबे में दब गईं। हादसे में मां और बेटी की मौत हो गई, जबकि वृद्ध महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, जंघेला परिवार ने करीब एक माह पहले घर से लगभग 400 मीटर दूर नया कुआं बनवाया था। हाल ही में कुएं में सीमेंट की रिंग और दीवार का निर्माण कराया गया था। सोमवार शाम 75 वर्षीय समानिया बाई जंघेला अपनी बेटी अनुसुइया जंघेला (41) और नातिन स्वाति जंघेला (17) के साथ कुएं की तराई कर रही थीं। इसी दौरान कुएं के चार हिस्सों में से तीन हिस्से अचानक धंस गए और तीनों महिलाएं मलबे के साथ कुएं में जा गिरीं।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया और काफी प्रयासों के बाद समानिया बाई को बाहर निकाल लिया। घायल वृद्धा को उपचार के लिए सिवनी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। देर रात तक चले बचाव अभियान में सबसे पहले अनुसुइया जंघेला का शव रात करीब एक बजे कुएं से निकाला गया। लगभग एक घंटे बाद उनकी बेटी स्वाति जंघेला का शव भी बरामद कर लिया गया। दोनों शवों को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के समय 80 से 100 से अधिक लोग घटनास्थल पर मौजूद थे और बचाव कार्य में जुटे हुए थे। गांव के पुरुषोत्तम नामक युवक ने बताया कि कुआं लगातार धंस रहा था, जिसके कारण रेस्क्यू करना बेहद चुनौतीपूर्ण था। आम के पेड़ के सहारे रस्सी बांधकर ग्रामीण कुएं में उतरे और सबसे पहले समानिया बाई को बाहर निकाला गया।
बताया जा रहा है कि मृतक स्वाति जंघेला ने इसी वर्ष 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
