डिंडौरी में महिला का संदिग्ध हालात में मिला शव, 19 घंटे तक नहीं हुआ पोस्टमार्टम, जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर

 




जबलपुर/डिंडौरी। डिंडौरी जिले के कछनारी जंगल में 40 वर्षीय महिला का संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिलने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन करीब 19 घंटे बीत जाने के बावजूद पोस्टमार्टम नहीं हो सका। अस्पताल प्रबंधन ने तकनीकी सुविधाओं की कमी का हवाला देते हुए शव को जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

पुलिस के अनुसार देववती मरावी (40) अपने पति चरणसिंह मरावी के साथ 23 जून को जंगल में लकड़ी लेने गई थीं। दोपहर बाद पति अकेले घर लौट आया और परिजनों को बताया कि देववती जंगल में लापता हो गई हैं। इसके बाद परिजन और ग्रामीण लगातार उनकी तलाश करते रहे।

करीब एक सप्ताह बाद 30 जून की दोपहर लगभग 3:30 बजे राजेंद्र धुर्वे नामक ग्रामीण जंगल में बकरियां चरा रहा था। इसी दौरान कछनारी जंगल में उसे एक महिला का शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही ग्रामीण लक्ष्मण सिंह मरकाम ने सिटी कोतवाली पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

बताया गया कि शव मंगलवार रात करीब 9 बजे अस्पताल पहुंच गया था, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए पोस्टमार्टम करने से इनकार कर दिया। पूरी रात शव अस्पताल में रखा रहा और परिजन पोस्टमार्टम का इंतजार करते रहे। आखिरकार बुधवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

मृतका की बेटी संध्या मरावी ने अस्पताल और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी मां का शव पूरी रात अस्पताल में पड़ा रहा, लेकिन किसी ने पोस्टमार्टम कराने की व्यवस्था नहीं की। परिवार को केवल आश्वासन मिलता रहा, जबकि समय पर कार्रवाई नहीं की गई।

इधर, पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही महिला की मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।

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