मौसम के इस बदले मिजाज के बीच प्रदेश के कई हिस्सों से दर्दनाक हादसों और भारी लापरवाही की खबरें भी सामने आ रही हैं। आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हरदा में एक किसान और खरगोन में दो लोगों सहित कुल तीन नागरिकों की मौत हो गई, जबकि बैतूल में बिजली गिरने से एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। बैतूल के चिचोली में चंपा नदी के उफान पर होने के कारण रपटा पार करते समय दो युवक बाइक सहित बह गए, जिनके शव अगले दिन बरामद किए गए। इसी तरह की एक गंभीर लापरवाही खरगोन के भगवानपुरा क्षेत्र में देखने को मिली, जहां एक निजी बस चालक ने बाढ़ के तेज बहाव के बावजूद करीब 40 यात्रियों से भरी बस को उफनती नदी की पुलिया से पार निकाल दिया। देवास में भी तेज बारिश के दौरान दो लड़कियां स्कूटी सहित नाले में गिर गईं, जिन्हें स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बचा लिया।


मूसलाधार बारिश के चलते प्रदेश के कई शहरों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। सीहोर के आष्टा में सड़कों पर नदी की तरह पानी बहने लगा, जिससे वहां खड़ी मोटरसाइकिलें पानी के तेज बहाव में बह गईं। सीहोर के ही इछावर, डिंडौरी नगर पालिका के वार्ड-8, सतना और मैहर के कई रिहाइशी इलाकों तथा दुकानों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आंकड़ों की बात करें तो इस बार पूरे जून महीने में कुल 88.2 मिलीमीटर (3.5 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जो कि सामान्य औसत बारिश से करीब 33 प्रतिशत कम है। हालांकि, इस आंधी-बारिश की वजह से प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट आई है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है। दर्ज किए गए तापमान के अनुसार ग्वालियर 40 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि बैतूल में तापमान गिरकर 26.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।