हाईकोर्ट के अधिवक्ता के घर 37 लाख की सनसनीखेज चोरी, नकाबपोश बदमाश नगदी-जेवर और CCTV कैमरे तक ले गए
जबलपुर/सतना। जबलपुर हाईकोर्ट के अधिवक्ता रजनीश शर्मा के सतना स्थित आवास में हुई करोड़ों की नहीं, लेकिन लाखों की सनसनीखेज चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नकाबपोश बदमाशों ने सूने मकान का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया और ऑफिस की तिजोरी व आलमारी के लॉकर तोड़कर 37 लाख रुपये नगद, सोने-चांदी के जेवर तथा वारदात के सबूत मिटाने के लिए घर में लगे सात सीसीटीवी कैमरे भी उखाड़कर अपने साथ ले गए।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता रजनीश शर्मा का सतना के सोनैरा क्षेत्र में भी मकान है, जहां उनका आना-जाना लगा रहता है और परिवार के सदस्य भी रहते हैं। दो दिन पहले देर रात अज्ञात बदमाशों ने घर के सूना होने का फायदा उठाते हुए पीछे की ओर से प्रवेश किया और वारदात को अंजाम दिया।
घटना के समय अधिवक्ता के पिता शंकरदीन शर्मा पास स्थित दूसरे मकान में थे। रविवार सुबह उन्होंने घर के पीछे लगी तार फेंसिंग कटी हुई देखी। पानी की टंकी के पास से छत पर चढ़ने के निशान और छत का दरवाजा खुला मिलने पर उन्हें चोरी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने तुरंत बेटे रजनीश शर्मा को सूचना दी।
सूचना मिलने पर रजनीश शर्मा जबलपुर से सतना पहुंचे तो घर का नजारा देखकर स्तब्ध रह गए। घर का सामान बिखरा पड़ा था, ऑफिस की तिजोरी खुली हुई थी और आलमारी के लॉकर टूटे हुए थे। सबसे हैरानी की बात यह रही कि बदमाश घर में लगे सातों सीसीटीवी कैमरे भी अपने साथ ले गए, ताकि उनके खिलाफ कोई ठोस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य न बच सके।
अधिवक्ता ने थाना कोलगवां पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि ऑफिस की आलमारी में एक जमीन के सौदे से संबंधित 37 लाख रुपये नगद रखे थे, जिन्हें आगे भुगतान किया जाना था। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण भी चोरी हो गए।
हालांकि, पुलिस को उपलब्ध डीवीआर से कुछ फुटेज मिले हैं, जिनमें नकाबपोश बदमाश घर में प्रवेश करते दिखाई दे रहे हैं। अधिवक्ता ने फुटेज के आधार पर दो संदिग्ध व्यक्तियों पर चोरी की वारदात को अंजाम देने का संदेह जताया है।
सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने चोरी, साक्ष्य नष्ट करने और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक जल्द पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
