73 करोड़ का 'अटल भवन' पहली ही तेज बारिश में टपका, नगर निगम मुख्यालय में घुसा पानी, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल



भोपाल। राजधानी भोपाल में मानसून की पहली तेज बारिश ने नगर निगम के नवनिर्मित 'अटल भवन' की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करीब 73 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक मुख्यालय में बारिश का पानी अंदर तक पहुंच गया, जिससे कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। घटना के वीडियो सामने आने के बाद निर्माण कार्य और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

नगर निगम के नए मुख्यालय को अत्याधुनिक सुविधाओं और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के उद्देश्य से तैयार किया गया था। लेकिन पहली ही तेज बारिश में भवन के अंदर पानी भरने से करोड़ों रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया।

छत से टपका पानी, दीवारों पर दिखी नमी

बताया जा रहा है कि भवन की छत से पानी रिसकर अंदर पहुंचा, जिससे कई कार्यालयों में पानी भर गया। दीवारों पर भी नमी साफ दिखाई दी। हालात ऐसे बने कि सफाई कर्मचारियों को झाड़ू की मदद से भवन के अंदर जमा पानी बाहर निकालना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, इससे पहले भी मुख्यालय में पानी रिसने की शिकायतें सामने आ चुकी हैं। ताजा घटना के बाद कर्मचारियों और नागरिकों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि क्या हर बारिश में नगर निगम मुख्यालय का यही हाल रहेगा।

सड़कों पर भी जलभराव, लोगों को परेशानी

उधर, भोपाल में लगातार हुई तेज बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कों पर भी जलभराव की स्थिति बन गई। जगह-जगह पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग का अलर्ट, बढ़ी चिंता

मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। ऐसे में नगर निगम की व्यवस्थाओं और जल निकासी प्रणाली की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि सरकारी भवन और शहर की सड़कें पहली ही बारिश में जवाब दे दें, तो निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार एजेंसियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

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