उज्जैन। बताया जा रहा है कि महिला अपने नए ससुराल की जमीन में हिस्सेदारी की मांग को लेकर गांव पहुंची थी, जिसके बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस ने 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि आठ अन्य आरोपी फरार हैं। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
तीन साल बाद गांव लौटने पर किया अमानवीय व्यवहार
उज्जैन से 75 किलोमीटर दूर महिदपुर तहसील के झारड़ा के हरनिया खेड़ा गांव में यह घटना हुई। बताया जा रहा है कि तीन साल पहले अपने पहले पति को छोड़कर दूसरे युवक से विवाह करने वाली 40 वर्षीय महिला जब अपने दूसरे पति के साथ गांव लौटी, तो पूर्व पति के परिवार और ग्रामीणों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं।
पीड़िता ने शिकायत में सुनाई पूरी आपबीती
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि वह अपने घर के कमरे में थी, तभी आरोपी सुमेर सिंह, कचरू सिंह और बद्रीलाल अपने अन्य साथियों के साथ जबरन दरवाजा तोड़कर घर में घुस आए। महिला के बाल और हाथ पकड़कर उसे घसीटते हुए बाहर निकाला गया, जहां उसके बाल काटे गए, कपड़े फाड़े गए और गले में जूते-चप्पलों की माला पहनाकर गांव में जुलूस निकाला गया। इस दौरान उसके पति के साथ भी मारपीट की गई और दोनों को जान से मारने की धमकी दी गई।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने की कार्रवाई
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही ग्रामीणों और आरोपियों में भगदड़ मच गई, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर तीन मुख्य आरोपियों सुमेर सिंह, बद्रीलाल और कचरू को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। झारड़ा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर 11 नामजद आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जमीन में हिस्सेदारी मांगने के लिए पहुंची थी महिला
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला का विवाह पहले इसी गांव के एक युवक से हुआ था। करीब तीन साल पहले वह पहले पति को छोड़कर गांव के ही दूसरे युवक के साथ चली गई थी और दोनों ने विवाह कर लिया था। इसके बाद से दंपती इंदौर में रह रहे थे। तीन साल बाद गांव लौटने पर महिला द्वारा जमीन में हिस्सेदारी की मांग किए जाने से विवाद बढ़ गया और पूर्व ससुर ने गांव के कुछ असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया।
