जबलपुर। रामप्रकाश अहिरवार, आयुक्त नगर निगम जबलपुर, शहर की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में नज़र आए। इसी कड़ी में उन्होंने निगम के वरिष्ठ अधिकारियों, कंसल्टेंट और ठेकेदारों के साथ करीब 6 घंटे लंबी मैराथन समीक्षा बैठक की। बैठक में 9 प्रमुख विभागों स्थापना, पेंशन, स्वास्थ्य, विद्युत, जल, उद्यान, लोककर्म, योजना और शासकीय योजना के कार्यों की गहन समीक्षा की गई। आयुक्त ने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में ढिलाई या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
विकास कार्यों व अमृत योजना पर फोकस
निगमायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित और प्रचलित कार्य समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराए जाएं। खासतौर पर अमृत फेस-1 और फेस-2 की प्रगति की समीक्षा करते हुए काम में तेजी लाने के आदेश दिए गए। बैठक में पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन, अधिकारियों-कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों और न्यायालयीन मामलों के विधिसम्मत निराकरण पर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही चंडालभाटा के लंबे समय से लंबित प्रकरणों के त्वरित समाधान के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26: अधिकारी उतरेंगे फील्ड में
आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 को देखते हुए रणनीति में बड़ा बदलाव किया गया है। अब निगम के सभी बड़े अधिकारी सुबह के समय वार्डों का भ्रमण करेंगे। अपर आयुक्त, उपायुक्त और सहायक आयुक्त अपने-अपने प्रभार वाले क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करेंगे। शहर की स्वच्छता और शुद्ध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल विभाग के उपयंत्री और स्वास्थ्य अमला संयुक्त रूप से फील्ड में काम करेंगे।
बैठक में समस्त अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री और सभी विभागीय प्रमुख उपस्थित रहे।
