बताया गया है कि यह घटना कॉलेज के हॉस्टल नंबर-1 की है। हॉस्टल में रहने वाले एक जूनियर छात्र ने करीब एक सप्ताह पहले मेडिकल कॉलेज के डीन को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में छात्र ने आरोप लगाया कि सीनियर छात्रों ने उसे लंबे समय तक कमरे के बाहर खड़ा रखा और उसके साथ रैगिंग की।
एंटी रैगिंग कमेटी ने की जांच
शिकायत मिलते ही कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोप सही पाए जाने पर एमबीबीएस थर्ड ईयर के 8 छात्रों को दोषी ठहराया गया। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सभी को छह माह के लिए कक्षाओं से निलंबित कर दिया। साथ ही उन्हें हॉस्टल से भी निष्कासित कर दिया गया है।
एनएमसी के नियमों के तहत कार्रवाई
कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC), नई दिल्ली द्वारा 18 नवंबर 2021 को जारी गजट नोटिफिकेशन के प्रावधानों के अनुसार की गई है।
डीन का सख्त संदेश
मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. नवनीत सक्सेना ने कहा कि रैगिंग को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जूनियर छात्र की शिकायत पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल परिसर में अनुशासन बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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