जबलपुर (सिहोरा)। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले की सिहोरा तहसील में दो समुदायों के बीच हुए टकराव के बाद अब हालात तेजी से सामान्य होते दिख रहे हैं। रविवार सुबह से ही बाजारों में रौनक लौट आई। दुकानों के शटर खुले, सड़कों पर आम दिनों की तरह आवाजाही नजर आई और बस स्टैंड पर वाहनों का नियमित आवागमन जारी रहा।
पुलिस प्रशासन की सतर्कता और लगातार कार्रवाई के चलते क्षेत्र में शांति बहाल होने का दावा किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 5 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और कुल 61 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। घटना वाली रात 49 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जबकि बाद में 12 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
एहतियात के तौर पर सिहोरा में अभी भी भारी पुलिस बल तैनात है। करीब 200 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ 2 एडिशनल एसपी और 3 डीएसपी स्तर के अधिकारी मौके पर निगरानी कर रहे हैं। वार्ड नंबर 5 सहित संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है।
पुलिस दोनों पक्षों से प्राप्त शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है। सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच कर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
ऐसे भड़का था विवाद
गौरतलब है कि गुरुवार रात सिहोरा में दुर्गा मंदिर और मस्जिद के बीच आरती और अजान को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पथराव और मारपीट की घटनाओं के बाद क्षेत्र में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए थे।
हालांकि अब प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोग सामान्य दिनों की तरह अपने कामकाज में जुट गए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
